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Sitapur News: हवा से 1500 गांवों में लड़खड़ाई बिजली, हड़ताल ने बढ़ाया दर्द

Wed, 21 May 2025 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। आंधी व बारिश के कारण जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। करीब 1500 गांवों में बिजली संकट है। संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार के कारण क्षतिग्रस्त लाइनों, विद्युत पोल व अन्य व्यवस्थाएं बुधवार को भी पटरी पर नहीं आ सकीं। नतीजा यह रहा कि बुधवार को भी करीब एक लाख की आबादी परेशानी दिखी।
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मछरेहटा विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी करीब 70 हजार की आबादी को बीते 24 घंटे से विद्युत संकट से जूझना पड़ रहा है। इस उपकेंद्र के तहत सिर्फ मछरेहटा फीडर चल रहा है। बाकी सभी फीडर 24 घंटे से बंद हैं। उपभोक्ताओं ने बताया कि क्षेत्र में काफी नल खराब हैं। घरों में नल नहीं है सिर्फ पानी की टंकियां रखी हैं, जो कि खाली हो चुकी है। इन्हें भरने के लिए बिजली के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। करीब 380 गांवों की विद्युत आपूर्ति बीते 24 घंटे से बाधित है।

क्षेत्र के गांव निघुआमऊ, भट्ठापुरवा, जकरिया, भदेभर, बेहड़ा, गंगापुर, मिर्जापुर उत्तरी, बीहट बीरम, आदिलपुर, कटरा, केसरा, भारा सैनी, बहोरनपुर, खरगापुर, मामूपुर कठेला, सूरजपुर, जटपुरवा, चौहाननपुरवा, इटौवा, राजागांव, बेनीगंज, दलेल नगर, बेहड़ा खालसा, राजपुर खर्ग, मसतिया लखनसेपुर, हरिपालपुर आदि गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित है।
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एसडीओ शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि संविदाकर्मी हड़ताल पर हैं जिस वजह से बिजली सप्लाई चालू करने में समस्या हो रही है।

24 घंटे बीतने के बाद भी ग्रामीणों को नहीं मिली बिजली


रामपुर मथुरा। संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। आंधी-पानी में उखड़े पोलों व क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त नहीं किया जा सका है। अधिकारियों का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था कर लाइन दुरुस्त कराने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। हालांकि इसका असर धरातल पर नहीं दिख रहा है।



क्षेत्र में करीब 28 किमी की लंबाई में फैली विद्युत लाइन में 10 से 12 पोल टूट गए थे। इसके साथ कई जगह ट्रांसफार्मर लगे पोल भी टूट गए थे। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लाइन को दुरुस्त करने का काम नहीं हो पाया। बड़ी मशक्कत के बाद प्रमुख कस्बों की लाइन ही दुरुस्त हो पाई हैं। बांसुरा पावर हाउस से करीब 22 हजार उपभोक्ताओं को उजाला मिलता है। एसडीओ विजय गोयल ने बताया कि अचानक आंधी से पूरे क्षेत्र की व्यवस्था ध्वस्त होने के बाद कर्मचारियों की हड़ताल से शीघ्र आपूर्ति सामान्य करना कठिन है। वैकल्पिक व्यवस्था कर लगातार लाइन दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।


महोली में सुबह 6 बजे से बंद हो गए सभी फीडर

महोली में आंधी ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को ठप कर दिया। नगर, तहसील व ग्रामीण क्षेत्र के सभी फीडर सुबह 6 बजे से बंद हो गए। संविदा कर्मियों की हड़ताल से कर्मचारियों की कमी होने से मंगलवार देर रात नगर व तहसील क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बहाल हो सकी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के सभी फीडर 36 घंटा व्यतीत हो जाने के बाद भी चालू नहीं किए जा सके। जिससे उप खंड से जुड़े तकरीबन 250 गांव प्रभावित रहे। एसडीओ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि तेज हवा चलने से कई जगह केबिल फाल्ट हुई है। जिसे तलाश कर नगर व तहसील क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बहाल कर दी गयी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कर्मचारियों द्वारा फाल्ट को खोजा जा रहा है। जल्द ग्रामीण क्षेत्र में भी विद्युत व्यवस्था बहाल की जाएगी।

चार दिनों से गुल है बम्हनावा उपकेंद्र से जुड़े गांवों की बिजली

सेवता। रेउसा ब्लॉक क्षेत्र के बम्हनावा विधुत उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गावों में बीते चार दिनों से बिजली गुल है। क्षेत्र के पुरैनी, गौहनिया, भिठनाकला, भिठौली, हथिना, सेवता, सुपौली, गुडरुवा देवरिया,इटौंरी, सिकौहा, पिपरा, मंगलपुरवा,धमधमपुर, कोड़वा आदि सैकड़ों गावों में बिजली न आने से ग्रामीण परेशान हैं। मंगलवार देर रात आपूर्ति मिलने पर लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की। महज दस मिनट बाद ही बिजली गुल हो गई। एसडीओ अखिलेश यादव ने बताया कि लाइन में फाल्ट है। मौके पर जाकर दुरुस्त कराने का प्रयास हो रहा है।
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