सीतापुर। परसेंडी से बिसवां के बीच जल्द ही एक साथ दो इलेक्ट्रिक ट्रेनें पटरी पर दौड़ती नजर आएंगी। इस ट्रैक पर दोहरीकरण और इलेेक्ट्रीकरण का लंबे समय से चल रहा कार्य अब पूरा हो चुका है। सीआरएस की तारीख भी तय हो चुकी है। सोमवार को रेल संरक्षा आयुक्त स्पेशल ट्रेन से तैयारियों को परखेंगे और इसके बाद अपनी रिपोर्ट देकर मोहर लगाएंगे। रेलवे लगातार पटरियों के दोहरीकरण से लेकर इलेक्ट्रिक लाइन करने पर जोर दे रहा है।
जंक्शन से परसेंडी से दोहरीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। एक साथ दो ट्रेनें इस ट्रैक पर फर्राटा भरने लगी हैं। इसके बाद रेलवे परसेंडी से बिसवां के बीच करीब 14 किमी. की दूरी में दूसरी रेल लाइन बिछाने और इस लाइन को भी इलेक्ट्रीकरण करने का काम करा रहा था। दोनों ही कार्य पिछले काफी समय से चल रहे थे, कार्य अब पूरा हो चुके है। इसको लेकर सीआरएस होना था। पूर्वोत्तर मंडल के रेल संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ की ओर से सीआरएस के लिए तारीख दे दी गई है।
11 अप्रैल को परसेंडी से बिसवां के बीच सीआरएस होगा। जंक्शन अधीक्षक एके शुक्ला ने बताया कि परसेंडी से बिसवां की दूरी करीब 14 किमी. है। दूसरी रेलवे पटरी बिछाने का काम और साथ में लाइन को इलेक्ट्रिक करने का कार्य भी यहां पर लंबे समय से चल रहा था। बताया कि दोनों ही कार्य पूरा हो चुके है। 11 अप्रैल को परसेंडी-बिसवां खंड पर रेल संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खान की ओर से दोहरीकरण और 25 हजार वोल्ट एसी नई विद्युतकर्षण लाइन युक्त रेल खंड का निरीक्षण किया जाएगा।
जंक्शन अधीक्षक ने बताया कि रेल संरक्षा आयुक्त परसेंडी-बिसवां स्टेशनों के बीच पड़ने वाले ब्रिज, कर्व, पॉइंट्स, क्रॉसिंग्स, रेलवे लाइन फिटिंग्स, सिग्नल, समपार फाटक, पैनल रूम, रिले रूम का भी निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद रेल संरक्षा आयुक्त स्टेशनों के बीच विद्युत लोकोमोटिव से चलने वाली स्पेशल ट्रेन से स्पीड ट्रायल करेंगे। इस दौरान डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री समेत मुख्यालय से संबंधित अफसर भी मौजूद रहेंगे। निरीक्षण के बाद उनकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को जाएगी।
इसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि इस ट्रैक पर ट्रेन कब से चलेगी। अब उम्मीद जग गई है कि सीआरएस के बाद जल्द ही दूसरी रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें जल्द ही चलने लगेंगी। जंक्शन अधीक्षक ने बताया कि पहले से संचालित सिंगल रेल लाइन भी इलेक्ट्रिक है। इस ट्रैक पर अब भी इलेक्ट्रिक ट्रेनें चल रहीं हैं, लेकिन दूसरी रेल लाइन पर भी यात्रियों को यह सुविधा मिलने से उनका सफर आसान होने वाला है।