नैमिषारण्य में चक्रतीर्थ पर पूजन करते मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी। (संवाद)
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नैमिषारण्य (सीतापुर)। नैमिषारण्य तीर्थ आध्यात्मिक ऊर्जा का सनातन आधार है। यहां आकर मन को सुकून मिला है। तीर्थ की इस अतुल्य विरासत को संवारने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। ये बात रविवार को नैमिषारण्य तीर्थ में दर्शन पूजन करने आए प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहीं।
चक्रतीर्थ पर मुख्य सचिव ने डीएम विशाल भारद्वाज को तीर्थ के जल को और स्वच्छ करने, सौंदर्यीकरण और विकास कार्य के बारे में निर्देशित किया। पत्नी के साथ पहुंचे मुख्य सचिव सबसे पहले मां ललिता देवी मंदिर पहुंचे। भाव भक्ति के साथ पूजा अर्चना की। इसके बाद वे चक्रतीर्थ पहुंचे, जहां चक्रतीर्थ पुजारी राजनारायण पांडेय से तीर्थ का महत्व जाना।
वहां उन्हें प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। धार्मिक कार्यक्रम के इस क्रम में उन्होंने हनुमान गढ़ी मंदिर में भी पूजा कर शीश नवाया। इस दौरान डीएम विशाल भारद्वाज, एडीएम विनय पाठक, एएसपी एनपी सिंह, मिश्रिख एसडीएम गिरीश झा, सीओ मिश्रिख महेंद्र प्रताप सिंह मौजूद रहे।
समिति ने सौंपा मांग पत्र
सनातन ऋषि सत्संग महाआरती सेवा समिति ने मुख्य सचिव का तीर्थ में स्वागत किया। तीर्थ का महत्व बताया। उन्होंने 84 कोसीय यात्रा में तीर्थ व धर्मस्थलों के जीर्णोद्धार, पड़ाव स्थलों पर यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी, नैमिष तीर्थ के लिए रेल, स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी, नैमिष तीर्थ के आसपास रोजगार सृजन के लिए किसी इंडस्ट्रियल योजना की स्थापना, नैमिष महोत्सव के प्रति वर्ष आयोजन की बात रखी। मुख्य सचिव को चक्रतीर्थ की अष्टकोणीय महाआरती में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया गया।