सीतापुर। किसान रजिस्ट्री कराने में अपने जिले ने प्रदेश भर के सभी जिलों को पछाड़ दिया है। इस दाैड़ में बस्ती दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर रहा। महज आठ माह में 4.24 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो गई। इसमें जिलाधिकारी का रोजाना प्रत्येक तहसीलों से 300 किसानों का पंजीकरण अनिवार्य का निर्देश कारगर रहा। रोजाना हुई समीक्षा से अधीनस्थ अधिकारी गांव पहुंचे और शिविर लगाकर किसानों को पहले जानकारी दी।
किसानों की सहायता के लिए गांव में ही शिविर लगाकर उनकी रजिस्ट्री करवाईं। इसी का परिणाम यह रहा कि लक्ष्य के सापेक्ष 74.69 प्रतिशत हासिल करके प्रदेश में सीतापुर ने नंबर एक का स्थान हासिल किया। नवंबर में शत प्रतिशत इसे पूरा करने का लक्ष्य भी तय हुआ है। किसानों को सम्मान निधि समेत कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान रजिस्ट्री कराना जरूरी है।
जिले में पांच लाख 31 हजार 64 किसानों की रजिस्ट्री होनी है। इसके सापेक्ष 24 अक्तूबर तक 4,24,750 किसानों की किसान रजिस्ट्री हो चुकी है। जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने किसान रजिस्ट्री कराने के लिए साल के शुरुआत में ही कार्य योजना बनाई थी।
इसके तहत प्रत्येक तहसील को प्रतिदिन कम से कम 300 आईडी जनरेट कराए जाने का लक्ष्य तय किया था। इसके बाद सात तहसीलों में एसडीएम की ओर से ग्राम पंचायतवार राजस्व गांवों में शिविर लगाए गए। इसे सफल बनाए जाने के लिए कृषि, राजस्व, पंचायतराज सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई।
जन सामान्य की जानकारी के लिए शिविर की तिथियों और संबंधित के मोबाइल नंबर जारी किए गए। इससे किसान रजिस्ट्री में तेजी आई। प्राविधिक सहायक, लेखपाल और संबंधित जन सुविधा को संचालित करने वाले ग्राम स्तरीय उद्यमी का बेहतर सहयोग रहा। देर रात तक पंचायत सचिवालयों में कामकाज होता रहा।