सीतापुर। शहर में कूड़ा उठान की व्यवस्था ध्वस्त है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे है। बदबू से मार्ग से निकलना दूभर हो गया है। लोगों को गंदगी से जूझना पड़ रहा है। नगर पालिका के मुताबिक शहर में रोजाना करीब 70 टन कूड़ा निकलता है। कूड़े के निस्तारण के लिए कोई भी ठोस पहल नहीं हो सकी है।
कहने को तो टेढ़वा चिलौला में डंपिग ग्राउंड है, लेकिन यहां शहर का पूरा कूड़ा नहीं डाला जा रहा है। अधिकांश जगहों पर कर्मचारी खाली जगह व इधर-उधर डाल देते है। इससे शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे है। शहर की आबादी करीब दो लाख है। यह आबादी 30 वार्डों में निवास करती है।
मोहल्लों में गंदगी न फैले इसके लिए सफाई कर्मचारियों की वार्डवार तैनाती की गई है। डस्टबिन लगाए गए है। लेकिन यह सब कवायद फेल हो चुकी है। हाल यह है सफाई कर्मचारी मोहल्लों में रोजाना नहीं जाते। न ही डस्टबिन साफ करते है। इस लापरवाही से मोहल्लों में गंदगी के ढेर लगे है।
डस्टविन कूड़ा करकट से भरे है। बरसात की वजह से कूड़ा सड़ जाता है। फिर मवेशी इसे बिखेर देते है। इसकी सफाई न होने से और भी दिक्कतें आ रही है। नगर पालिका इससे बेपरवाह बना हुआ है।