सीतापुर। अवध शुगर एंड इनर्जी लिमिटेड हरगांव का मंगलवार को जिलाधिकारी ने औचक निरीक्षण किया। चीनी मिल का सोमवार से ही पेराई सत्र शुरू हुआ है। सोमवार को अचानक डीएम अभिषेक आनंद मिल पहुंचे। उन्होंने गन्ना लेकर आए किसानों से बातचीत की। इस दौरान गन्ना तौल काउंटर पर जाकर पूछा कि इसमें कौन से किसान की पर्ची है, यह कैसे पता चलेगा।
इस दौरान एक किसान की पर्ची देखकर कहा कि पर्ची में ब्योरा तो है ही नहीं। डीएम के सवालों पर चीनी मिल प्रशासन के अधिकारी बगले झांकते नजर आए। करीब दो घंटे चले निरीक्षण में डीएम ने कांटे पर गन्ना लदी ट्रॉली लेकर आए किसान रिद्धि कुमार से संवाद किया। इस दौरान उनके मोबाइल पर आए एसएमएस को भी चेक किया। स्वचालित मानव रहित तौल कांटे पर गन्ना तौलाया। गन्ना डोंगे में डालने की पूरी प्रक्रिया अपने सामने ही करवाई।
उनके पूरे निरीक्षण के दौरान चीनी मिल प्रशासन के अधिकारी पसीना-पसीना नजर आए। डीएम के कई सवालों का चीनी मिल के अधिकारी गोल-मोल जवाब देते रहे। इस मौके पर प्रशिक्षु आईएएस नितिन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी रत्नेश्वर त्रिपाठी, जिला आबकारी अधिकारी कृष्ण पाल यादव, तहसीलदार सदर विनोद सिंह, प्रभारी निरीक्षक हरगांव अरविंद पांडेय, अधिशासी उपाध्यक्ष शूरवीर सिंह, शरद सिंह आदि उपस्थित रहे।
बॉयलर क्षमता व तकनीकी की जानकारी भी ली
डीएम ने मिल परिसर में मिल हाउस, बॉयलिंग हाउस, सेंट्रीफयूगल हाउस, ड्रायर हाउस पहुंचकर गन्ने से चीनी बनने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। मिल के अधिशासी अध्यक्ष एके दीक्षित से बॉयलर क्षमता और विद्युत उत्पादन क्षमता व पानी कंजम्पशन के संबंध में जानकारी ली। मिल में स्थापित नए डीसीएस व आधुनिक यंत्रों के संचालित होने के बारे में पूछताछ की। मिल क्षमता वृद्धि के लिए हो रहे निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया। वहीं, रिफाइनरी चीनी व मिल में बन रही चीनी में अंतर व प्रॉसेस में प्रयुक्त होने वाली सल्फर व चूने की मात्रा की जानकारी ली। सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष से संपूर्ण शुगर मिल का निरीक्षण किया व पूरे प्रोसेस, सुरक्षा के मानकों, विद्युत उत्पादन क्षमता आदि की जानकारी लेकर सुरक्षा मानकों का शतप्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।