सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में भले ही ग्रीष्मावकाश हो गया है, लेकिन कोई भी शिक्षक बिना बीईओ की अनुमति के जिला मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। इस अवधि में विद्यालय में निर्माण कार्य सहित नामांकन व अन्य काम कराए जाएंगे। शिक्षक का मोबाइल भी स्विच ऑफ नहीं रहेगा। अपरिहार्य स्थिति में शिक्षक को स्कूल बुलाया जा सकता है।
परिषदीय विद्यालय अब 15 जून तक बंद रहेंगे। इस दौरान पढ़ाई तो नहीं होगी न ही शिक्षक स्कूल जाएंगे। लेकिन आवश्यकता पड़ने पर उनको स्कूल बुलाया जा सकता है। इसको लेकर बीएसए ने सभी बीईओ को निर्देश जारी किए है। इस निर्देश के मुताबिक कोई भी शिक्षक बिना बीईओ की अनुमति के जिला मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। अगर किसी शिक्षक को बाहर जाने की बहुत आवश्यकता पड़ती है तो वह पहले अपने बीईओ से अनुमति लेगा।
इस दौरान शिक्षक का फोन भी स्विच ऑफ नहीं रहेगा। शिक्षक बराबर अपने बीईओ के संपर्क में बने रहेंगे। इस ग्रीष्मावकाश में विद्यालय में कायाकल्प योजना के तहत तमाम विकास कार्य कराए जाएंगे। पेयजल, भवन मरम्मत, शौचालय सहित अन्य काम होंगे। इसके अलावा नामांकन प्रक्रिया चल रही है। इसकी वजह से जरूरत पड़ने पर किसी भी शिक्षक को स्कूल बुलाया जा सकता है।
पेड़-पौधों की करेंगे देखभाल
ग्रीष्मावकाश में स्कूल बंद रहेंगा। इस अवधि में विद्यालय में लगे पेड़-पौधों को पानी न मिलने से वह सूख सकते है। इस पर शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वह रसोइया व एसएमसी सदस्यों से समन्वय स्थापित करेंगे। स्कूल के पेड़-पौधों में नियमित तौर पर पानी देते रहेंगे। जिससे पेड़ छायादार बने रहें।
सामान की करेंगे रखवाली
स्कूल में कीमती सामान व अभिलेखों को अलमारी व सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों को हिदायत दी गई है कि वह विद्यालय का कीमती सामान की सुरक्षा करेंगे। इसके लिए वह प्रति सप्ताह विद्यालय जाकर इसको देखेंगे। जिससे विद्यालय में किसी भी सामान की चोरी न हो सके। अगर कोई घटना होती है तो विभाग को अवगत कराएंगे।
शिक्षक बिना अनुमति न छोड़ें विद्यालय
ग्रीष्मावकाश शुरू हो गया है। सभी शिक्षक बिना बीईओ की अनुमति के जिला मुख्यालय न छोड़े। जरूरत पड़ने पर उनको विद्यालय बुलाया जा सकता है। -अजीत कुमार, बीएसए