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जिला अस्पताल में अव्यवस्था, फर्श पर हो रहा इलाज

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सीतापुर। जिला अस्पताल में मरीजों को एक सही बेड तक नहीं मिल रहा है। वार्डों में बेड टूटे पड़े है। यह जर्जर होकर झुक गए हैं। इन पर मरीजों को लेटने में दिक्कत हो रही है। इनसे गिरने की भी आशंका बनी रहती है।
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बेड पर बिछे गद्दे फट चुके है। इन जर्जर बेडों पर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। बेड सीट फटी और गंदी है। इससे मरीज बेहाल हैं। गंदगी से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
जिला अस्पताल की क्षमता 210 बेड की है। इस समय मौसम में परिवर्तन के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। लेकिन यहां आने वाले मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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मरीज बेहाल हैं। इनका लेटकर इलाज कराना भी दुश्वार हो रहा है। बेड झुक गए है। फिर भी इनको वार्ड से हटाया नहीं गया है।
बेड सीट गंदी होने के बाद भी बिछाई जा रही है। ये बेड अस्पताल के मेडिकल वार्ड, महिला वार्ड, हड्डी सहित अन्य वार्डों में पड़े हुए है।
जमीन पर चल रहा इलाज
जिला अस्पताल में मरीजों को अव्यवस्था मिल रही है। इस समय मरीजों की संख्या में इजाफा होने से बेड फुल हो गए है। मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती कर लिया जाता है।
लेकिन बेड नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को कई मरीज अस्पताल के बरामदे में जमीन पर लेटकर इलाज करा रहे थे। जिस जगह पर ये लेटे थे, वहां पर पंखा तक की व्यवस्था नहीं थी।
घर से लेकर आते पंखा
जिला अस्पताल में कई जगह पंखे नहीं लगे हैं, जहां लगे भी हैं वहां सही से काम नहीं कर रहे हैं। स्पीड इतनी कम है कि हवा मरीजों तक नहीं पहुंच रही है। इससे मरीज अपने घर से पंखा लेकर आते है, जिसके जरिये राहत पाने की कोशिश करते हैं।
कराया जा रहा है इलाज
जिला अस्पताल मरीजों का बेहतर तरीके से इलाज किया जाता है। जब बेड फुल हो जाते है तो मजबूरी में जमीन पर लिटाकर इलाज कराया जाता है। अन्य सुविधाएं भी दिलाई जा रही है।
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- डॉ. एके अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल
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