अगर आप सीतापुर रोडवेज बस से सुहाने सफर पर निकलने की सोच रहे हैं, तो आपको दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है। बस आधे रास्ते में ही आपको धोखा दे सकती है। ऐसा ही एक वाक्या सोमवार को सीतापुर से हरदोई जा रहे रोडवेज बस से निकले यात्रियों के साथ हुआ।
दरअसल, सीतापुर डिपो की बस संख्या (यूपी 34 टी 0284) सोमवार दोपहर करीब 3:20 बजे हरदोई के लिए रवाना हुई। बस में 54 यात्री सवार थे। महोली-पिसावां मार्ग पर लालपुर गांव के करीब पहुंचते ही बस का डीजल खत्म हो गया, जिससे चालक ने बस सड़क के किनारे खड़ी कर दी।
शाम ढलने पर यात्रियों को अपने गंतव्य पर सुरक्षित पहुंचने के लिए फिक्र बढ़ गई। परिचालक ने मोबाइल के जरिए डिपो को सूचना देकर दूसरी बस भेजने को कहा। इंतजार करते-करते एक घंटा बीत गया, लेकिन महज 28 किमी. की दूरी तय कर दूसरी बस यहां नहीं पहुंच सकी।
यात्री इरफान, सादिक व रामकुमार को गोपामऊ जाना था, इन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने की जल्दी थी। देर होती देख यह लोग डग्गामार वाहन से आगे रवाना हुए। रमन, विजय कुमार, सलाउद्दीन व जफर खां भी मजबूरन डग्गामार वाहनों से आगे के सफर पर निकल गए।
सभी यात्रियों के टिकट कट चुके थे। दूसरी बस आने में देरी से जो यात्री डग्गामार वाहनों से जाने को मजबूर हुए, उन्हें रुपये भी वापस नहीं किए गए। करीब डेढ़ घंटे बाद डिपो से दूसरी बस पहुंची जिस पर महज 35 यात्री ही बचे।