ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य एक सप्ताह तक श्रीमद्भागवत कथा का साक्षी बनेगी। इस दरम्यान देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले लोग कथावाचक पीयूष कांत महाराज की कथा का आनंद लेंगे।
वृंदावन के कथावाचक पीयूष कांत महाराज सात दिन तक नैमिषारण्य की तपोभूमि पर श्रीमद्भागवत कथा सुनाएंगे। साथ ही 1008 श्रीमद्भागवत पाठ भी होगा। ये कथा नैमिषारण्य के हनुमान गढ़ी के प्रवचन हॉल में होगी। हनुमान गढ़ी के महंत बजरंग दास के सानिध्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सोमवार से शुरू होगी और 24 जनवरी तक चलेगी।
आयोजकों के मुताबिक श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन सोमवार को नैमिष में कलश यात्रा निकाली जाएगी। तत्पश्चात कथा स्थल पर पीयूष कांत महाराज कथा के जरिए लोगों को भक्ति धारा का रसपान कराएंगे। कथा में देश के विभिन्न प्रांतों से तकरीबन तीन सौ श्रद्धालु शामिल होंगे।