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पिछले साल नहीं खरीदी ड्रेस तो इस बार लाभ नहीं

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एलिया क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल में पढ़ते छात्र। (फाइल फोटो) - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावकों के खाते में पिछले साल रुपये भेज गए थे। इस बार भी अभिभावकों के खाते में रुपये भेजे जाने हैं। अगर पिछले साल अभिभावकों ने बच्चों के लिए ड्रेस नहीं खरीदी थी तो इस बार उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। कारण, प्रत्येक नौनिहाल की ड्रेस के साथ पोर्टल पर फोटो अपलोड की जानी है। फोटो अपलोड होने के बाद ही चालू शैक्षिक सत्र में लाभ दिया जाएगा। जिले में 4.55 लाख बच्चों की फोटो अपलोड की जाएगी।
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परिषदीय विद्यालयों में पिछले बरस नौनिहालों को सीधे ड्रेस न देकर उनको डीबीटी का लाभ दिया गया था। एक नौनिहाल को 1100 रुपये मिले थे। इस पैसे से वह ड्रेस, जूता मोजा व स्कूली बैग खरीद सकते थे। यह पैसा अभिभावकों के खातों में भेजा गया था। अभिभावकों की जिम्मेदारी थी कि वह बच्चे को ड्रेस मुहैया कराए। अब नया शैक्षिक सत्र प्रारंभ हो गया है तो फिर से डीबीटी का लाभ देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस बार डीबीटी का लाभ देने से पहले समीक्षा की जा रही है। उन्हीं बच्चों को लाभ दिया जाएगा, जिनके अभिभावकों ने अपने बच्चों के लिए ड्रेस खरीद थी।
प्रत्येक बच्चे की ड्रेस के साथ पोर्टल पर फोटो अपलोड की जाएगी। जब यह फोटो अपलोड हो जाएगी उसके बाद ही उन्हें डीबीटी का लाभ दिया जाएगा। इसको लेकर विभाग ने सभी अभिभावकों से बच्चों की फोटो ड्रेस के साथ मुहैया कराने के निर्देश दिए है।
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80 हजार बच्चों को नहीं मिल सका था लाभ
बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक पिछले साल 5.73 लाख बच्चों को डीबीटी का लाभ देने के लिए लक्ष्य तय किया गया था। जिसमें 4.55 लाख बच्चों को इसका लाभ दे दिया गया है। करीब 80 हजार बच्चे ऐसे बचे थे जो लाभ से वंचित हो गए थे। इन बच्चों के आधारकार्ड बैंक खाते से लिंक नहीं थे तो किसी का आधारकार्ड नंबर गलत था। इससे इनको पिछले साल का लाभ नहीं मिल सका है।
नए बच्चों की शुरू हुई फीडिंग
इस बार बेसिक शिक्षा विभाग को 1.24 लाख नये नामांकन का लक्ष्य दिया गया है। जिले में अभी तक करीब एक लाख लक्ष्य पूरा हो चुका है। इन बच्चों की ऑनलाइन फीडिंग शुरू हो गई है। इन सभी बच्चों को खाता नंबर व आधारकार्ड से लिंक कराकर स्कूलों में जमा करना होगा। इस जानकारी के आधार पर ही इन्हें इस बार डीबीटी का लाभ दिया जाएगा। पुराने बच्चों की केवल फोटो अपलोड की जाएगी।
जुलाई में मिलेंगी पुस्तकें
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को मई माह आधा बीत जाने के बाद भी अभी तक पुस्तकें नहीं मिल सकी है। इससे वह पुरानी किताबों के सहारे ही पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि 20 मई के बाद स्कूल बंद हो जाएंगे। इससे नौनिहाल जब जुलाई में पढ़ने आएंगे तभी उनको पुस्तकों का लाभ मिल सकेगा।
एक-एक गांव का करें सर्वे
नामांकन लक्ष्य पूरा न होने पर बीएसए ने सभी शिक्षकों को अपने इलाके के एक-एक गांव का सर्वे करने का निर्देश दिया है। शिक्षक गांव जाकर प्रत्येक परिवार से मिलेंगे। अगर उनके घर का कोई बच्चा स्कूल नहीं जा रहा है तो उसका नामांकन कराएंगे। अफसरों के निरीक्षण में अगर कोई बच्चा स्कूल जाने से वंचित मिला तो उस शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शुरू हो गई है तैयारी
डीबीटी को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। ड्रेस पहने फोटो के साथ बच्चे की फोटो अपलोड की जाएगी। पिछले साल ड्रेस न खरीदने वाले अभिभावकों को इस बार लाभ नहीं दिया जाएगा।
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- अजीत कुमार, बीएसए
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