नैमिषारण्य (सीतापुर)। हजारों श्रद्धालुओं के जयघोष व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान नैमिषनाथ की विशिष्ट वार्षिक शोभायात्रा निकाली गई। महंत श्री 1008 इंदिरा रमण रामानुज दास की अध्यक्षता में शोभायात्रा निकली। शोभायात्रा बैंड बाजों व शंख घंटों की पावन गूंज के साथ रामानुजकोट मंदिर से शुरू होकर मां ललिता देवी मंदिर की परिक्रमा करते हुए चक्रतीर्थ परिसर पहुंची।
वहां पर प्रधान पुजारी राज नारायण पांडेय के सानिध्य में मुख्य अतिथि विधायक रामकृष्ण भार्गव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मुनीन्द्र अवस्थी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम किंकर पांडेय, नायब तहसीलदार ओपी तिवारी समेत कई अतिथियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य प्रभु श्री नैमिषनाथ व श्रीदेवी सहित भूदेवी की विशिष्ट आरती व पूजन किया गया। जगदाचार्य स्वामी देवेन्द्रानंद सरस्वती ने हिंदू धर्म की विविधता को सरल रूप बताते हुए आज के दौर में अपनी आध्यात्मिक विरासत को सहेजने संवारने की जरूरत पर बल दिया।
मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव ने कहा कि नैमिषारण्य तीर्थ युगों-युगों से आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष का आधार रहा है। कथा व्यास शैलेन्द्र शास्त्री ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा हमारी अनूठी आध्यात्मिक धरोहर है। परिक्रमा अध्यक्ष महंत नारायण दास, बनगढ़ महंत संतोष दास, कालीपीठाधीश गोपाल शास्त्री, ललिता देवी पुजारी लाल बिहारी शास्त्री, श्री 1008 इंदिरारमण, विद्यानंद, रामानुज कुमारी माता, साध्वी मुमुक्षा, अंजनी दास, नागेंद्र दास आदि मौजूद रहे।
पर्णिका के नृत्य ने बांधा समां
चक्रतीर्थ परिषद पर आयोजित कार्यक्रम में लखनऊ से आई बाल नृत्यांगना पर्णिका श्रीवास्तव ने भजनों पर नृत्य पेश कर सभी का मन मोह लिया। समारोह में विधायक रामकृष्ण भार्गव ने पर्णिका को नगद राशि देकर पुरस्कृत किया। उसके उज्जवल भविष्य की कामना की।
महाआरती में दिखा आस्था का संगम
सनातन से सत्संग सेवा समिति द्वारा आयोजित इस समारोह में चक्रतीर्थ भगवान की नित्य होने वाली अष्टकोणीय महाआरती का नजारा बिल्कुल अलग था। एक तरफ जहां मंत्रोच्चार की ध्वनि हो रही थी। दूसरी तरफ श्रद्धालुओं के जयकारों से आस्था का एक नया संगम यहां दिखाई दिया। इस दौरान करीब 40 मिनट तक चलने वाली महाआरती के सत्र में सभी श्रद्धालु भक्ति रस से डूबे नजर आए।