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खतरे की डगर, संभलकर करें सफर

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सीतापुर में नेशनल हाइवे पर गुजरते वाहन । - संवाद - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। सावधान... अगर आप शाम ढलने के बाद सफर कर रहे हैं तो जरा ठहरिए। वजह, जिले में 39 ऐसे दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) हैं, जहां हर वक्त मौत मंडरा रही है। इन स्थानों पर हादसे की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सावधानी हटते ही दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। मौसम में अचानक बदलाव से दिन में धुंध और रात में कोहरे की वजह से सफर मुश्किल होता जा रहा है।
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हादसे की आशंका हाईवे से लेकर ग्रामीण अंचलों की सड़कों पर बनी हुई है। देश और प्रदेश की राजधानी को सीधा जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 24 जिले से होकर गुजरा है। जिले की सीमा शाहजहांपुर बार्डर से लखनऊ बार्डर के इंटौजा टोल प्लाजा तक रहती है। जिले से होकर गुजरा यह हाईवे करीब 91 किमी. लंबा है।
सीमा के आखिरी छोर पर स्थित इदलापुर गांव से अटरिया के जयपालपुर तक सीतापुर की सीमा है। इतनी लंबी दूरी के हाईवे पर जगह-जगह ब्लैक स्पॉट, अवैध कट हादसे को दावत दे रहे हैं। यह खतरा तब और बड़ा हो जाता है, जब ठंडक के मौसम में दिन में धुंध और रात में कोहरे का सितम हो। यही हालत ग्रामीण अंचलों का है। जगह-जगह अंधे और खतरनाक मोड़ हैं। ऐसे में संभलकर चलने की जरूरत है नहीं तो सफर खतरे की डगर पर है।
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हादसे में फौजी की जा चुकी जान
11 दिसंबर की रात रामपुर मथुरा इलाके के भोगीपुर निवासी फौजी रंजीत (25) अपने साथी सिरकुंडा निवासी सतीश वर्मा (26), रामपुर मथुरा इलाके के ही दुलमपुरवा मजरा मरौंचा निवासी रवी चौहान के साथ कार से घर लौट रहे थे। इस बीच समय बांसुरा स्थित पंचपीर मजार के पास खतरनाक मोड़ पर कार अनियंत्रित होकर गहरे नाले में चली गई थी। इस हादसे में फौजी समेत तीनों लोगों की मौत हो गई थी।
खाई में गिर गई थी सीओ की कार
9 दिसंबर की सुबह लखीमपुर जिले के निघासन सीओ सुबोध कुमार जायसवाल हाईकोर्ट के कार्य के सिलसिले में कार से लखनऊ जा रहे थे। इस बीच हरगांव इलाके में रेलवे क्रॉसिंग के पास कोहरे की वजह से गाड़ी 15 फिट खाई में चली गई थी। गनीमत रही कि सीओ, उनका गनर और चालक सभी बाल-बाल बच गए थे। हालांकि, सभी को मामूली चोटें आईं थी।
ये हैं ब्लैक स्पॉट
रामकोट के नवीन चौक, रामकोट के कटीली, कचनार, सिधौली कोतवाली के सिंहपुर मोड़, मनवा तिराहा, इमलिया सुल्तानपुर के हेमपुर, कमलापुर के कुुर्सिनपुरवा मोड़, मानपारा, जलालपुर, कमलापुर, ककरियापारा, महमूदाबाद के फिरोजपुर, महमूदाबाद के बिलौली बाजार, नूरपुर, बाबा कुटिया, अतरौली, कलुवापुर मोड़, रेउसा कस्बा, रेउसा का अकसोहा मोड़, रेउसा के चंदौली बहेटा, बिसवां के भोलागंज, रामकोट के मधवापुर, बिसवां के भोलागंज, हरगांव के हरगांव चौराहा, सेमरीभान, मील गेट, बड़ेलिया, मानपुर थाने के मानपुर चौराहा, लालपुर कोठी, कटरा पुल, सदरपुर के देबियापुर, सदरपुर के धामी सरांय, जहांगीराबाद, कंचनपुर, गोड़ैचा, सकरन के भोलागंज दुगाना, लोहजरा मोड़, सकरन कस्बा।
संकेतक न होना भी हादसे की एक वजह
हाईवे पर जगह-जगह अवैध कट हैं और संकेतक नहीं लगे हैं। ऐसे में हादसों की यह भी बड़ी वजह है। आए दिन इनकी वजह से हादसे होते हैं। लोगों की जानें जाती हैं, लेकिन इसके बाद भी परिवहन विभाग से लेकर एनएसआई संजीदा नहीं दिखते। कार्रवाई सिर्फ रस्मअदायगी तक ही सीमित रहती है।
सर्दी में बढ़ जाते हैं हादसे
जिले की सड़कों पर शायद ही कोई ऐसा दिन हो जब हादसे न होते हों और लोगों की जानें न जाती हों, लेकिन सर्दी के मौसम में हादसों की संख्या बढ़ जाती है। जिले में पिछले कई सालों में हुए बड़े हादसों पर नजर डालें तो कई बड़े हादसे हुए, जिसमें एक साथ कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। ठंडक में हादसों की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा बढ़ जाती है।
सफर करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है, लेकिन इन दिनों अधिक सावधानी बरतें। कोहरे की वजह से वाहन तेज रफ्तार में न चलाएं। एक साथ लंबा साफ न करें। लंबा सफर हो तो रुक-रुक चलें। ब्लैक स्पॉट पर और अधिक एहतियात बरतें, जहां पर संकेतक लगे हों और खतरनाक मोड़ हो वहां पर धीमी रफ्तार में चलें।
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डॉ. उदित नारायण पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन
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