सीतापुर। पंचायत चुनाव में केसरिया रंग फीका पड़ता दिखाई दे रहा है। मतगणना के अंतिम दौर में सोमवार देर रात तक 12 जिला पंचायत सदस्यों के परिणाम घोषित किए गए। इनमें सिर्फ भाजपा के तीन प्रत्याशी जीत दर्ज करने में सफल हुए हैं। बाकी सीटें सपा और निर्दलीय के खाते में गई हैं। कई सीटों पर सपा और निर्दलीय प्रत्याशी आगे चल रहे हैं।
रविवार की तरह सोमवार को भी मतगणना को लेकर गहमागहमी रही। देर रात तक 1192 ग्राम पंचायतों की मतगणना पूरी हुई। इसमें 12 जिला पंचायत सदस्यों के परिणाम घोषित किए गए। महोली के वार्ड 30 से सपा उम्मीदवार चंद्रप्रभा और 31 से अशोक ने जीत दर्ज की। वार्ड संख्या 77 से पूर्व एमएलए झीन बाबू के बेटे पवन सिंह सपा से जीते।
वार्ड संख्या 58 से भाजपा उम्मीदवार श्रद्धा सागर जीती। वार्ड 68 से महमूदाबाद से सपा विधायक नरेन्द्र वर्मा की भाभी विजया वर्मा ने जीत का परचम लहराया। वार्ड 69 से सपा की ही विद्यावती ने जीत दर्ज की। 57 से निर्दल उम्मीदवार गोविंद प्रसाद आगे चल रहे थे। 49 से निर्दल उम्मीदवार लाल विक्रम सिंह सपा प्रत्याशी से बढ़त बनाए हुए हैं।
52 से बीजेपी के प्रेमदीप जायसवाल आगे थे। सपा के चित्रकेश यादव से उनका कांटे का मुकाबला चल रहा है। इनके अलावा बाकी सीटों के अंतिम दौर रुझान आ रहे थे। ज्यादातर सीटों पर बीजेपी पीछे चल रही थी। सपा और निर्दलीय उम्मीदवारों की रफ्तार तेज थी। पंचायत चुनाव में सत्ताई दल पतली हालत देख राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। मिशन 2022 का सेमीफाइनल मानकर चल रही भाजपा के नेताओं के चेहरों से मुस्कराहट गायब थी। सपाई खेमे में मुस्कान बिखर रही थी।
निवर्तमान अध्यक्ष का किला ढहा
जिले के निवर्तमान जिलाध्यक्ष जितेन्द्र यादव अपना किला सुरक्षित नहीं रख पए। उन्हें बीजेपी के उम्मीदवार शिवकुमार गुप्त ने वार्ड संख्या 74 से चुनाव हरा दिया। सपा शासन काल में यहां जिला पंचायत अध्यक्षी का चुनाव हुआ था। उस वक्त शिवकुमार भी साइकिल पर सवार थे और सपा उनके छोटे भाई की पत्नी मधु गुप्ता को टिकट दिया था, लेकिन बिसवां से तत्कालीन सपा विधायक रामपाल यादव ने बगावत करके अपने बेटे जितेन्द्र यादव को अध्यक्षी जिता दी थी। अब की चुनाव में शिवकुमार ने जितेन्द्र को हराकर रामपाल को बड़ा झटका दे दिया है।