सीतापुर। चुनाव परिणाम से उत्साहित और हतोत्साहित प्रत्याशी और समर्थकों में कहीं विवाद की स्थितियों को टालने के लिए पुलिस की मुस्तैदी मतगणना के साथ ही बढ़ती रही। पुलिस ने चौराहों के साथ गांव की गलियों को घूमकर शांति व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया। कई जगहों पर पुलिस को भीड़ को खदेड़ना पड़ा। पुलिस इस कवायद के चलते दो दिनों की मतगणना में किसी भी क्षेत्र से घटना की खबर नहीं सुनने में आई।
चुनाव के बाद जिले में हिंसा का दौर देखने को मिला था। मतदान के दूसरे दिन एक हत्या सहित कई मारपीट की घटनाएं समाने आईं थी। पुलिस ने इससे सबक लेते हुए मतगणना में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक चौबंद कर लिया और गांवों में मूवमेंट बढ़ा दिया। मतगणना में रुझान आने के साथ ही पुलिस की मुस्तैदी बढ़ गई। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गांवों का भ्रमण करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने सार्वजनिक स्थलों के साथ ही गांव की सकरी गलियों की भी खाक छानते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयास शुरू कर दिया। नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को जुलूस भी नहीं निकालने दिया। इसके अलावा एक जगह ज्यदा लोगों को एकत्र भी नहीं होने दिया। बात न समझने पर पुलिस ने अपना चिर परिचित रूप दिखाने में भी पीछे नहीं रही। जरूरत पड़ने पर डंडा फटकारने में भी संकोच नहीं किया। पुलिस इस कवायद के परिणाम भी सकारत्मक मिले।
सोमवार शाम चार बचे तक प्रधानी के 1070, बीडीसी 978 और 10 जिला पंचायत सदस्य के परिणाम घोषित हो चुके थे और जिले के किसी हिस्से में विवाद की स्थिति नहीं बनने पाई थी। मतगणना के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की ओर से किए गए प्रयासों की तारीफ भी हुई। खैराबाद मतगणना स्थल पर मतगणना का हाल देखने आए रवींद्र ने कहा कि इस बार पुलिस की व्यवस्था वाकई जबरदस्त है। अराजकतत्व खुराफात करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
जीत के जश्न से पहले ही पहुंच गई पुलिस
विवादों को टालने के लिए पुलिस ने बहुत सधी हुई रणनीति से काम किया है। जिस गांव पंचायत का परिणाम घोषित होता गया वहीं पुलिस पहुंचती गई। पुलिस नवनिर्वाचित प्रधान के गांव में प्रवेश करने के पहले दस्तक दे देती थी। इससे न तो प्रधान जुलूस निकाल सके। ऐसे में माहौल शांतिपूर्ण बना रहा। एसपी आरपी सिंह सहित पुलिस के अन्य अधिकारी भी भ्रमणशील रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को कोविड प्रोटोकॉल के पालन के प्रति जागरूक भी किया।