महमूदाबाद में टप्पेबाजों के झांसे में आकर 28 हजार रुपये गवां बैठे एक व्यापारी ने परिवार को चकमा देने के लिए लूट की मनगढ़ंत कहानी रच डाली। इसके बाद खुद की कोतवाली में शिकायत कर दी। पुलिस भी उसके झांसे में आ गई और छानबीन में जुट गई। हालांकि जांच में मामला संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने कड़ाई बरती तो व्यापारी ने कुबूल लिया कि रुपये ठगों को गवांने के बाद घरवालों की डांट से बचने के लिए यह साजिश रची। पुलिस ने माफीनामा लिखवाने के बाद उसे छोड़ दिया।ॉ
कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर तुरसेना निवासी दीपक कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मंगलवार शाम वह महमूदाबाद के एक व्यापारी से मेंथा बिक्री का 27,810 रुपया यूको बैंक जमा करने गया था। 20 व 10 रुपये की गड्डी लेने से कैशियर ने मना कर दिया। इस पर वह बैंक से निकलकर वापस व्यापारी के यहां जाने लगा। तभी दो अज्ञात लोगों ने मोटर साइकिल से आकर उसके चेहरे पर रुमाल डालकर बैठा लिया और उसे लखनऊ मार्ग स्थित रेल क्रॉसिंग के पास ले गए।
यहां असलहे के बल पर बदमाशों ने रुपये से भरा बैग छीन लिया। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए। कोतवाली प्रभारी रंजना सचान ने पूरे नगर क्षेत्र की घेराबंदी कराई लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने बैंक पहुंचकर सीसीटीवी फुुटेज खंगाला लेकिन बताए दिन उस फुटेज में दीपक नहीं मिला। इसके बाद मामला संदेह के घेरे में आ गया। संदेह के आधार पर पुलिस दीपक को कोतवाली लेकर पहुंची।
कोतवाली में पूछताछ में हर बार वह अलग-अलग बयान देना लगा। पुलिस ने जब सख्ती की तो दीपक टूट गया और उसने बताया कि वह मेंथा ऑयल की दुकान से वह पैसे लेकर यूको बैंक जा रहा था। तभी चिकमंडी चौराहे के पास उसे दो टप्पेबाज मिल गए और उससे पैसा दोगुना करने का प्रस्ताव देकर उससे रुपये ले लिया। बदले में टप्पेबाजों ने कागज की गड्डी थमा दी। नोटों की जगह कागज देखकर दीपक के होश उड़ गए।
इसके बाद उसने घरवालों को चकमा देने के लिए लूट की कहानी रच डाली। कोतवाली प्रभारी रंजना सचान ने बताया कि घरवालों के डर के चलते दीपक ने लूट की झूठी कहानी रची थी, किंतु उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। इसलिए लिखित में माफीनामा लेकर भविष्य में ऐसी हरकतें न करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।