ग्राम महेशपुर निवासी रामचंद्र (35) बुधवार शाम शराब के नशे में घर पहुंचा। परिवारीजनों के विरोध पर उसने शराब न पीने की बात कही।
इस बात पर नाराज होकर रामचंद्र ने खुद को कमरे में बंद करके मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। जानकारी होने पर परिवारीजनों ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक रामचंद्र बुरी तरह झुलस चुका था।
परिवारीजनों ने आनन-फानन में कमलापुर सीएचसी में भर्ती कराया यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों का कहना है कि रामचंद्र की दिमागी हालत ठीक नहीं थी।
उसका इलाज कराया जा रहा था। वह शराब पीने का भी आदी था। बुधवार को वह शराब पीकर घर लौटा तो इलाज चलने की बात कहते हुए शराब पीने से मना किया गया। इसी बात पर रामचंद्र ने नाराज होकर खुद को आग लगाकर जान दे दी।