दौड़ में युवा अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
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11वीं वाहिनी पीएसी प्रांगण में चल रही उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती में शुक्रवार को तीन और जालसाज पकड़े गए। ये सभी फर्जी दस्तावेजों के सहारे पुलिस आरक्षी भर्ती में चयनित होना चाहते थे। पकड़े गए तीनों जालसाजों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय 11वीं वाहिनी पीएसी प्रांगण में आरक्षी भर्ती चल रही है। शुक्रवार को यहां पुलिस भर्ती बोर्ड के सदस्य अभ्यर्थियों को बुलाकर उनके दस्तावेज जांच रहे थे। इस बीच बागपत जिले के बड़ौत इलाके के छिलवाड़ी निवासी वासुदेव पुत्र राजेंद्र सिंह के दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए। जिसके चलते उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
इसी तरह शामली जिले के बावली इलाके के बाजू निवासी परवीन भी सौरभ के नाम के फर्जी दस्तावेज लेकर भर्ती होने पहुंचा था, जांच में इसके दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर उसे भी पकड़ लिया गया। इसी तरह फीरोजाबाद जिले के जसरसा इलाके के भादऊ निवासी नीरज पुत्र प्रेमपाल भी सुनील की मार्क्सशीट लेकर भर्ती होने गया था।
जांच में इसे भी दबोचा गया। तीनों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। इंस्पेक्टर विनय गौतम का कहना है तीन लोगों को पुलिस भर्ती में फर्जी दस्तावेज दिखाने के आरोप में पकड़ा गया है। तहरीर आने पर इन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।