18 मार्च 2012 को एटीएस से मिली सूचना के बाद पुलिस ने पाकिस्तान के कराची के रहने वाले मोहम्मद हनीफ उर्फ दानिश खान को बस स्टॉप के नजदीक से गिरफ्तार किया था।
उसके पास से दो मोबाइल सिम कार्ड, पाकिस्तानी पासपोर्ट, बांग्लादेशी करंसी, बाराबंकी जिले का बना राशनकार्ड तथा कई ऐसे दस्तावेज बरामद हुए थे जो उसकी पहचान को संदिग्ध बनाते थे।
हनीफ ने खुद को कराची का रेडीमेड कपड़ा व्यापारी बताने के साथ पुलिस को जानकारी दी थी कि वह बांग्लादेश में भी व्यापार के सिलसिले में रहता है।
उसने भारत आकर झूठा पासपोर्ट बनवाने व यहीं चोरी छुपे शादी की बात भी कुबूल की थी। गिरफ्तारी वाले दिन दानिश ने कइकबाल नामक व्यक्ति का इंतजार किए जाने की बात भी पुलिस को बताई थी।
पुलिस ने धारा 14 विदेशी अधिनियम के अलावा छल व कागजों में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन अधिकारी जेके पांडेय द्वारा परीक्षित कराए गए नौ गवाहों व साक्ष्य के आधार पर सीजेएम ने आरोपी को चार वर्ष के कारावास व साढ़े ग्यारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड जमा न करने कपर एक माह की सजा और काटनी होगी। आरोपी दानिश 18 मार्च 2012 से अभी तक न्यायिक अभिरक्षा में है और उसके खिलाफ पेशी के दौरान सुरक्षा ड्यूटी में बाधा डालने व मारपीट का एक अन्य मुकदमा भी विचाराधीन है।