रामपुर मथुरा इलाके में ग्राम सधवापुर निवासी इलियास के मकान की दीवार रविवार रात पड़ोसी फूलचंद के छप्पर घर पर गिर गई। छप्पर के नीचे सोए फूलचंद के परिवारीजन दीवार के मलबे में दब गए।
ग्रामीणों ने मलबा हटा कर दबे लोगों को बाहर निकाला लेकिन तब तक फूलचंद की दो पुत्रियों आठ वर्षीय रोहिणी व पांच वर्षीय सुजीता की मौत हो चुकी थी। फूलचंद व उसकी पत्नी कलावती, डेढ़ वर्षीय पुत्र अनिमेश गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें सीएचसी महमूदाबाद में भर्ती कराया गया। हादसे की सूचना पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र वर्मा, एसडीएम अजय कुमार व एसओ ने मौके पर पहुंचकर जानकारी की।
मानपुर इलाके में नया गांव कैमहरा खुर्द निवासी श्रीराम के परिवारीजन रविवार रात दीवार पर पड़े छप्पर के नीचे सो रहे थे। सोमवार की तड़के दीवार समेत छप्पर गिर गया। उसके नीचे श्रीराम के परिवारीजन दब गए।
जानकारी होते ही ग्रामीणों ने दौड़कर छप्पर व दीवार का मलबा हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला लेकिन तब तक ऊषा (18) पुत्री श्रीराम की मौत हो चुकी थी। ऊषा की मां श्यामा देवी (45), भाई रामखेलावन (22), चंद्रभाल (15), रामचंद्र (7) और बहन अनीता (10) जख्मी हो गई।
इन घायलों को सीएचसी बिसवां ले जाया गया। क्षेत्रीय लेखपाल ने हादसे की जानकारी करने के साथ मृतक आश्रित को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। रामपुर मथुरा क्षेत्र में बोधेपुरवा गांव निवासी प्रताप (40) सुबह घर में दीवार पर पड़े छप्पर के नीचे सो रहा था।
इस बीच अचानक दीवार व छप्पर गिर गया। प्रताप की उसके नीचे दबने से मौत हो गई। एसडीएम महमूदाबाद अजय कुमार के मुताबिक आपदा में मृतक परिवारों को आठ लाख व गृह अनुदान राशि जल्द दी जाएगी।