परिवारीजनों का कहना है कि कर्ज लेने वाले उसके पिता की तीन माह पूर्व मौत हो चुकी है। विगत माह बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। उसका मुआवजा भी नहीं मिला।
आर्थिक तंगी से गुजर रहा किसान कर्ज का नोटिस मिलने के बाद परेशान हो गया। इसके चलते फांसी लगाकर जान दे दी।
महोली क्षेत्र में ग्राम उमरिया चतुरैया निवासी संतोष सिंह (45) खेती करता था।
रविवार शाम वह गांव के बाहर जाने के बाद काफी देर तक नहीं लौटा। देर शाम परिवारीजन उसे तलाशने निकले तो संतोष का शव गांव के बाहर एक पेड़ से बंधा लटका मिला। उसके गले में दुपट्टे का फंदा कसा था।
परिवारीजनों के मुताबिक संतोष सिंह ने आत्महत्या की है। भाई किशन सिंह ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व उनके पिता रघुवीर सिंह ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा परसेहरा ढखिया से कर्ज पर ट्रैक्टर लिया था। तीन माह पूर्व रघुवीर सिंह की मौत हो गई।
तीन-चार माह पूर्व हुई बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं की सारी फसल चौपट हो गई। उसका मुआवजा नहीं मिला। आर्थिक रूप से तंगी की हालात में पिछले दिनों बैक से कर्ज वसूली का नोटिस आ गया।
कर्ज के 81501 रुपये जमा करने को लेकर संतोष परेशान था क्योंकि बैंक से कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही थी। इसी परेशानी में उसने आत्महत्या कर ली।