अपर सत्र न्यायाधीश एनबी यादव ने दलित की हत्या के एक मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी हरिपाल सिंह ने की।
महोली थाना इलाके के गंगागंज में 12 मार्च 2005 की रात गंगा राम की हत्या कर दी गई थी। इसकी रिपोर्ट उसके भाई विजय ने दर्ज कराई थी। विजय के मुताबिक उसका भाई घटना की रात गांव के ही उधम रैदास के घर पर हो रही नौटंकी देखने गया था।
गंगाराम नौटंकी कलाकारों के सजने की जगह पर जाकर बैठ गया। गांव के ही शेरा उर्फ नन्हके, भारत, बफनू व छोटे ने इसका विरोध तो चारों की गंगाराम से हाथापाई हो गई। किसी तरह मामला सुलझ गया, लेकिन आधी रात को चारों दोषियों ने उस पर फायर झोंक दिया जिससे गंगाराम की मौत हो गई।
विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। न्यायाधीश ने चारों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।