लक्ष्य प्राप्त कर पाने में कोसों दूर रहीं एजेंसियां
सीतापुर। जिले में किसानों से धान खरीद मामले में जिम्मेदार लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सके हैं। जिले को दिये गए लक्ष्य से खरीद एजेंसियां कोसों दूर रह गई हैं। जिलेें में लक्ष्य की अपेक्षा महज 56 प्रतिशत ही धार खरीद हो सकी है। हालांकि राहत देने वाली बात यह है कि लक्ष्य से पिछड़ने के बावजूद यह जिला दूसरे नंबर पर बताया जा रहा है।
धान खरीद में लक्ष्य न पाने का कारण किसानों का सरकारी एजेंसियों से मोहभंग होना बताया जा रहा है। जिले भर में 13 लाख 59 हजार क्विंटल की धान खरीद का लक्ष्य था। जबकि जिम्मेदार एजेंसियां महज 7 लाख 60 हजार क्विंटल धान ही खरीद सकी हैं।
सरकार ने किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब मेहनताना देने के लिए धान खरीद योजना बनाई थी। इसको लेकर जिला मुख्यालय से कस्बों तक जिले भर में करीब 64 धान क्रय केंद्र खोले गए। वहीं जिले को 13 लाख 59 हजार क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य दिया गया।
शुरुआती दौर में तो क्रय केंद्रों पर अच्छी खासी खरीद हुई, जिसके बाद सन्नाटा पसरने लगा। हालत यह रही की फरवरी माह में तो अधिकतर धान खरीद केंद्रों पर सन्नाटा ही पसर गया। खरीद की बात करें, तो जिले भर के क्रय केंद्रों पर महज 7 लाख 60 हजार क्विंटल धान ही खरीद सकी हैं।
जिले भर के कुल 8174 किसानों ने क्रय केंद्रों पर अपना धान बेचा है। लक्ष्य की तुलना में खरीद को देखें तो महज 56 प्रतिशत ही धान की खरीद की जा सकी है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है सीतापुर जिले में खरीद एक माह बाद शुरू हुई। बाद में शुरू हुई खरीद को अगर ध्यान में रखा जाए तो धान खरीद मामले में सीतापुर जिला मंडल में दूसरे स्थान पर है।
एक यह रहा कारण
किसानों का कहना है कि सरकारी रेट व बाजार के रेट में मामूली अंतर था। जहां सरकारी मूल्य 1550 रुपये क्विंटल है, वहीं बाजार में व्यापारी 1500 रुपये में धान खरीद लेता था। इतना ही नहीं, व्यापारी सैंपल देखने के बाद किसान के रघर से ही धान को उठा रते थे।
एक तरीके से किसान का धान घर बैठे ही बिक रहा था। इससे किसान को धान ढोने की मेहनत नहीं करनी पड़ रही थी। अगर किसान को सरकारी तय मूल्य से कम रुपये मिल रहे थे, तब भी किसान को खल नहीं रहा था। क्योंकि मंडी तक जाने की ढुलाई बच रही थी।
56 प्रतिशत हुई खरीद
किसानों से धान खरीदने का शत प्रतिशत प्रयास किया गया। क्रय केंद्रों पर जो भी किसान पहुंचा, उसका धान तत्काल खरीद लिया गया। लक्ष्य पाने के लिए गांवों में पहुंचकर किसानों को जागरुक भी किया गया। धान खरीद के मामले में सीतापुर जिला मंडल में दूसरे नंबर पर है।
-अनुपम निगम, डिप्टी आरएमओ