सीतापुर। रामकोट इलाके के धनईखेड़ा में बीती 6 नवंबर को महिला खनन अधिकारी से अभद्रता के आरोपी अरिजीत शुक्ला व दिवाकर प्रसाद की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। जिलाधिकारी अभिषेक आनंद की सख्ती के बाद अब मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मामले में सख्त रवैया अपनाया है।
अमर उजाला में 19 नवंबर को प्रकाशित खबर- सरकारी जमीन पर मिले अवैध खनन के साक्ष्य... को आधार बनाकर मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव अरविंद मोहन ने जिलाधिकारी सीतापुर को दस दिनों में कार्रवाई करवाकर अवगत कराने को कहा है। इसके बाद डीएम ने तहसील सदर के अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बीती 6 नवंबर को महिला खनन अधिकारी से अभद्रता के मामले में डीएम ने लेखपाल व कानूनगो से धनईखेड़ा की रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट देखने के बाद डीएम को मातहतों के किसी खेल की जानकारी हुई थी। इसके बाद उन्होंने तहसील सदर प्रशासन के जिम्मेदारों को लचर रवैये के लिए फटकार लगाई थी और नायब तहसीलदार अतुल सेन को मौके पर जाकर जांच के लिए भेजा था।
जांच में दस हजार घन मीटर मिट्टी के अवैध खनन के साक्ष्य मिले थे। इसमें सरकारी ऊसर जमीन पर अवैध खनन संग पिरई नदी को पाटकर अवैध खनन करने के भी प्रमाण मिले थे। डीएम ने रिपोर्ट के आधार पर तहसील सदर प्रशासन के अधिकारियों को केस दर्ज कराने को कहा था। डीएम की सख्ती के बाद बीती 25 नवंबर को रामकोट थाने में आरोपी अरिजीत शुक्ला व दिवाकर प्रसाद पर एक अन्य मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें क्षेत्रीय लेखपाल हरिकरन सिंह की तहरीर पर सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 के तहत केस दर्ज किया गया था।
तहसील सदर में आरोपियों की है अच्छी पैठ
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद उनके परिजनों की तहसील सदर में चहलकदमी जारी रही। सूत्र यह भी बताते हैं कि यही वजह रही कि डीएम की सख्ती के बावजूद आरोपियों के विरुद्ध जांच रिपोर्ट आने के बाद भी देर से मुकदमा दर्ज कराया गया। बता दें कि आरोपी अरिजीत शुक्ला के बाबा रामकुमार शुक्ला का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है। उस पर तालगांव, हरगांव, इमलिया सुल्तानुपर, खीरी, लहरपुर व अन्य थानों में 16 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हुए हैं। इसमें हत्या, चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, एससी एसटी एक्ट संग कई गंभीर मुकदमे शामिल हैं। परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
नायब तहसीलदार पर हमले के आरोपियों पर भी मेहरबानी
सदर तहसील क्षेत्र की भगवानपुर ग्राम पंचायत में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार अतुल सेन व राजस्व टीम पर हमला किया गया। इस मामले में भी डीएम की सख्ती के बाद ही ग्राम प्रधान सहित 30 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, डीएम के बार बार निर्देशों के बावजूद अभी तक तहसील सदर की टीम अवैध अतिक्रमण नहीं हटवा सकी है।