सीतापुर। दिसंबर माह में पारा गिरता ही जा रहा है। शुक्रवार का इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। जब दिन का पारा सात डिग्री पहुंच गया। इससे गलन बढ़ गई। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप ने राहत जरूर दी। लेकिन शाम के समय फिर से गलन पैदा हो गई। इससे लोग घरों में दुबके हुए नजर आए। शुक्रवार दिन की शुरूआत घने कोहरे से हुई। सड़काें पर कोहरा दिखाई दिया। करीब 10 बजे तक धुंध ही छाई रही। उसके बाद गलन बढ़ गई।
करीब 12 बजे मौसम से राहत मिलती हुई दिखाई दी और धूप भी निकली। लेकिन करीब चार बजे के बाद धूप गायब होते ही गलन बढ़नी शुरू हो गई। शाम होते-होते मौसम काफी ठंडा हो गया। सड़कों पर ठंड की वजह से आवागमन भी कम ही होता दिखाई दिया। बाजारों में भी ठंड की वजह से सन्नाटा पसर गया। मौसम विशेषज्ञों ने बताया दिन में न्यूनतम तापमान सात डिग्री दर्ज किया गया है। जबकि अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहेगा।
इस समय कड़ाकेे की ठंड पड़ रही है। ऐसे में कई बीमारियों ने मरीजों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। दिल व सांस के रोगियों की समस्या बढ़ गई है। क्योंकि ठंड में नसों में खिंचाव आने लगता है। वहीं इस समय त्वचा संबंधी रोगों के मरीजों की संख्या अधिक हो रही है। चिकित्सकों का कहना है ठंड में त्वचा सूखने लगती है। इसकी वजह से खुजली सहित अन्य समस्याएं पैदा हो जाती है।
कोहरा गेहूं के लिए फायदेमंद
इस समय घना कोहरा पड़ रहा है। ठंड की वजह से लोगों को परेशानी जरूर हो रही है लेकिन गेहूं के लिए यह कोहरा फायदेमंद है। किसान कृष्णकांत मिश्रा ने बताया कि पाला पड़ने से गेहूं का उत्पादन अच्छा होता है। वहीं यह अरहर फसल के लिए नुकसानदेह है। गन्ने की फसल पर इस कोहरे का कोई असर नहीं पड़ रहा है।