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बिना पुस्तकों के पढ़ रहे बच्चे

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सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों का आधा शैक्षिक सत्र बीत गया है, लेकिन अभी तक सभी नौनिहालों को किताबें नहीं मिली हैं। किसी विकासखंड में 20 तो कहीं 30 विद्यालयों के नौनिहाल किताबों से दूर है। इससे वह बिना पुस्तकों के ही पढ़ने आ रहे है। 30 फीसदी नौनिहाल पुस्तकों से दूर है।
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती है। इस बार कोरोना के कारण देरी के चलते विद्यालय खुल सके थे। तब तक नौनिहालों की ऑनलाइन क्लासेज चल रही थी। स्कूल खुले हुए डेढ़ माह बीतने को है। अभी तक नौनिहाल बिना किताबों के ही पढ़ने आ रहे है।
यह हालात तब है, जब आधा सत्र बीत गया है। एक सप्ताह पहले एडी बेसिक लखनऊ ने सिधौली विकासखंड के कई विद्यालयों का औचक मुआयना किया था, जिसमें किसी भी विद्यालय में पुस्तकें नहीं मिली थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। इसके बावजूद जिले में सभी नौनिहालों के पास पुस्तकें नहीं पहुंची है। जिले में परिषदीय विद्यालय में करीब साढ़े छह लाख नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करते है।
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इस बार कोरोना के कारण देरी से विद्यालय खुले थे। पुस्तकों का टेंडर भी देरी से हुआ था। इसी वजह से विलंब हुआ है। जिले को उपलब्ध सभी किताबें नौनिहालों तक पहुंचा दी गई है। अधिक छात्र संख्या इस बार बढ़ने से फिर से डिमांड शासन को भेजी गई है। वहां से पुस्तकें मिलते ही वितरण करा दिया जाएगा।
- अजीत कुमार, बीएसए
सभी बच्चों को नहीं मिली पुस्तकें
रामपुर मथुरा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय उमरी में 280 नौनिहाल पंजीकृत हैं। 19 बच्चों को अभी तक पुस्तकें नहीं मिल सकी है। प्राथमिक विद्यालय रायसेनपुर में 240 बच्चे पंजीकृत है। कक्षा एक में 22 बच्चों को एक भी किताब नहीं मिली है। उच्च प्राथमिक विद्यालय रायसेनपुर में 130 बच्चों में 18 बच्चे किताबों से दूर है। बीईओ नवीन कुमार ने बताया, पुरानी छात्र संख्या के अनुसार किताबें आई थी। नए बच्चों के लिए डिमांड भेजी गई है।
11 विद्यालयों से दूर है किताबें
लहरपुर विकासखंड के 11 विद्यालयों में अभी तक किताबें नहीं पहुंची है। बीईओ रणधीर कुमार ने बताया, टप्पा, अकैचनपुर, गयासरायं, सुल्तानपुर, शाहपुर सहित अन्य विद्यालयों में पुस्तकें नहीं पहुंची है। जल्द ही यहां पर भी पुस्तकें पहुंच जाएंगी। ऐसे में इन विद्यालयों के नौनिहाल बिना किताबों के ही पढ़ने आ रहे है। यह हालात आधा सत्र बीत जाने के बाद बने हुए है। इससे नौनिहालों को काफी दिक्कतें आ रही है।
20 विद्यालयों में नहीं पहुंची पुस्तकें
एलिया विकासखंड के 20 विद्यालयों में अभी तक पुस्तक नहीं पहुंच सकी है। विकासखंड के त्रिलोकापुर, मोहद्दीनपुर सहित अन्य विद्यालय के नौनिहाल रोजाना पुस्तकें मिलने की राह देख रहे है। वह इसका लाभ हासिल नहीं कर पा रहे है। बीईओ उमेश गौतम ने बताया कि इस बार पुस्तकों का देरी से टेंडर हुआ था। इसी वजह से देरी हुई है। 27 सितंबर से पुस्तकों का वितरण शुरू हो पाया था।
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