रामपुर मथुरा के अखरी के पास जलस्तर कम होने बाद बहती सरयू नदी।
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। बारिश व बैराजों के पानी से अब चौका नदी उफान पर है। इससे तटवर्ती 20 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, फसलों के नुकसान का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं, सरयू का जलस्तर सोमवार को 10 सेमी घटकर 118.10 मीटर पर पहुंच गया। इससे फौरी राहत तो मिली है, लेकिन तीनों बैराजों से सोमवार को छोड़े गए 4.29 लाख क्यूसेक पानी मुश्किलें बढ़ा सकता है। इसके मद्देनजर तटवर्ती गांवों के लोग सहमे हुए हैं।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार कम होने से तटीय क्षेत्रों के बाशिंदों को फिलहाल राहत मिली है। उधर, चौका नदी में उफान आ गया है। इससे तुलसीपुर खरिका, तुतुहीपुर, बांसुरा, सरैंया, मसूदपुर, रायपुर अलायपुर, भागीपुर, गौरा, जरावन सहित करीब 20 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हजारों बीघे फसल के नुकसान का खतरा बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल गत वर्ष इस नदी की बाढ़ से फसल सड़ने के साथ बांसुरा पॉवर हाउस भी बाढ़ की चपेट में आ गया था। इससे करीब 500 गांवों की विद्युत आपूर्ति एक सप्ताह तक ठप रही थी। पानी अगर इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात किसी भी समय बिगड़ सकते हैं।
पुत्तू, मुन्नू, रामनरेश, अखिलेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि सरयू का पानी घटने से फिलहाल राहत है, लेकिन लगातार हो रही बरसात के कारण रास्तों में कीचड़ बहुत है। इसकी वजह से आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। हांलाकि, बैराजों से रोजाना छोड़े जा रहे पानी की मात्रा देख अभी बाढ़ आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।