सीतापुर। जिले में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2025 के तहत स्वच्छता संबंधी सर्वे होने जा रहा है। यह सर्वेक्षण स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत किया जाएगा। इसमें जिले के 2,293 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है। इसमें रैंडम आधार पर चयनित गांवों में केंद्रीय टीमें छह से आठ दिनों के अंदर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेंगी।
डीपीआरओ निरीश चंद्र साहू ने बताया कि ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर स्वच्छता संबंधी कार्य कराए गए हैं। इन कार्याें के संबंध में ग्रामीणों का मोबाइल एप के माध्यम से फीडबैक लिया जा रहा है। फीडबैक के आधार पर केंद्रीय टीमें ग्राम पंचायतों का जायजा लेंगी। केंद्रीय टीमों का यह सर्वेक्षण कार्य 14 अगस्त तक चलेगा। इसके बाद सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत का चयन किया जाएगा।
स्वच्छता, कार्य क्षमता, फीडबैक व सेवा स्तर के मिलेंगे अंक
गाइडलाइन के अनुसार ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कुल 1000 अंकों में किया जाएगा। इसके तहत चार श्रेणियों में केंद्रीय टीमें आकलन करेंगी। गांवों की प्रत्यक्ष स्वच्छता स्थिति के लिए 540 अंक निर्धारित हैं। इसमें विद्यालय, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन, हाट-बाजार व अन्य सार्वजनिक स्थलों की सफाई का निरीक्षण शामिल है। इसके साथ संयंत्रों की कार्य क्षमता के लिए 120 अंक निर्धारित हैं। इसमें ग्राम पंचायत की ओडीएफ प्लस की वास्तविक स्थिति, गोबरधन प्लांट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और फीकल स्लज ट्रीटमेंट संयंत्र (मानव मल-अपशिष्ट ट्रीटमेंट यूनिट ) शामिल हैं।
वहीं, नागरिक प्रतिक्रिया के लिए 100 अंकों में से अंक दिए जाएंगे। ग्रामीण गूगल प्ले स्टोर से स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपने गांव में स्वच्छता की स्थिति का फीडबैक देंगे। एक अन्य श्रेणी सेवा स्तर की प्रगति के लिए 240 अंक निर्धारित हैं। इसमें स्वच्छता योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की जाएगी।
अधिक फीडबैक दें
सीडीओ निधि बंसल ने कहा कि ग्रामीण मोबाइल एप डाउनलोड कर अधिक से अधिक फीडबैक दें। जिससे उनकी ग्राम पंचायत नंबर वन बन सके। सफल सर्वे के लिए डीपीआरओ डॉ. निराश चन्द्र साहू और जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) गौरव कुमार को निर्देश दिए हैं। पंचायतें आईएमआईएस व ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर नियमित रूप से डेटा अपडेट करती रहें। साथ ही विशेष सफाई अभियान चलाने और संयंत्रों की आय को बैंक में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रयास है कि सर्वे में जिले को बेहतर रैंकिंग मिले।