फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सामान की तरह ठूंस कर ढो रहे सवारियां

विज्ञापन
रेलवे स्टेशन के पास नियम के विपरीत सवारी लेकर जाता टेम्पो। - संवाद - फोटो : SITAPUR
विज्ञापन
सीतापुर। टैंपो चालकों की मनमानी मुसाफिरों के लिए खतरा बनती जा रही है। इन वाहनों को सात सवारियां बैठाने का परमिट है पर ये 13 से 14 सवारी बैठाकर दौड़ रहे है। अधिक कमाई के चक्कर में कई बार सवारियां टैंपों के बाहर भी लटकी रहती है। यह लापरवाही आम लोगों पर भारी पड़ रही है। कई बार टैंपो अनियंत्रित होकर पलट भी चुके है। इसके बावजूद इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन

शहर में चलने वाले टैंपो चालकों को परिवहन विभाग ने सिर्फ सात सवारियों को बैठाने का परमिट दिया है। इसके बावजूद भी शहर के अंदर से कस्बों की ओर सवारियां ले जाने वाले टैंपो चालकों की ओर से लापरवाही लगातार जारी है। ये लोग एक बार में 13 से 14 सवारियों को लेकर जाने का काम कर रहे हैं। एक ही टैंपो में इस कदर सवारियों को भर लेते हैं कि उसमें पैर रखने की जगह नहीं रह जाती है। किराया कम देना पड़े इस कारण कुछ लोग लटक कर भी यात्रा करते हैं। इन चालकों तो न तो कार्रवाई का खौफ है, न ही दुर्घटनाओं का डर।
मंगलवार को अमर उजाला टीम की पड़ताल में हकीकत सामने आई। सीतापुर से खैराबाद, मानपुर, बिसवां जाने के लिए बस स्टॉप के आगे से तीन पहिया टैंपो मिलते है। टीम ने पाया कि हर टैंपो में करीब 12 से 14 सवारियां ठूस कर भरी हुई थी। इसके साथ उनका सामान भी रखा हुआ था। इतनी सवारियां होने के बाद भी आलम यह था कि एक युवक टैंपो के बाहर लटका हुआ था।
विज्ञापन

...फिर कैसे थमेंगे हादसे
सीतापुर से खैराबाद जा रहा एक टैंपो दो सप्ताह पहले बिजवार के पास पलट गया था। टैंपो में तय मानकों से अधिक सवारियां बैठी थी। हादसे में कई लोग घायल हो गए थे। वहीं, सीतापुर की तरफ से महोली जा रहा एक टैंपो खगेसियामऊ के पास पलट गया था। उस समय 12 सवारियां बैठी थी। टैंपो पलटने से कई लोग घायल हो गए थे, जिससे उनको काफी चोटें आई थी।
ड्राइवर सीट पर बिठाते हैं तीन लोग
चालकों का हाल यह है कि वे अपनी सीट पर भी तीन सवारियों को बैठाए हुए थे। चालकों को गियर लगाने में दिक्कत हो रही थी। बराबर सीट पर बैठी सवारी के पैर को इधर-उधर कर चालक गियर डालकर वाहन चल रहा रहे थे।
ओवरलोड फिर भी भर रहे फर्राटा
इतना ओवरलोड टैंपो होने के बाद भी चालक हाईवे पर तेज रफ्तार में फर्राटा भर रहे थे। अधिकांश दुर्घटनाओं में यही देखा जाता है कि ओवर लोड होने के बाद भी तेज रफ्तार से चलने के कारण अक्सर चालक वाहन से नियंत्रण खो देता है और दुर्घटना का शिकार हो जाता है।
गांजर क्षेत्र में हो रही अधिक लापरवाही
टीम की पड़ताल में जो नजारा सामने आया वो सिर्फ जिला मुख्यालय का है। जहां आए दिन यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, पुलिस चालान काटने की कार्रवाई करती रहती है। गांजर क्षेत्र का हाल तो इससे भी बदतर है। वहां तो कार्रवाई काफी कम होती है। रेउसा, तंबौर से लगाकर लहरपुर आदि गांजरी इलाकों में तो यह टैंपो चालक अपनी मनमानी करते नजर आते हैं, जहां उनको कोई रोकने वाला नहीं है।
लगातार ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। सोमवार को ही पांच चालान किए गये। ऐसे लोग चालान की सूचना पाकर सवारियां कम कर देते है। विभाग खुद ही इस समस्या को काफी गंभीरता से लेकर चालकों से बात कर उनको जागरूक कर चुका है।
विज्ञापन

- उदित नारायण, एआरटीओ प्रवर्तन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें