उत्तर रेलवे का कैंट स्टेशन अब जल्द ही पूर्वोत्तर रेलवे का हिस्सा बनेगा। फिलहाल यह स्टेशन अभी मुरादाबाद मंडल के दायरे में आता है। यह ट्रैक पूरी तरह से ब्राडगेज से लैस है।
पूर्वोत्तर रेलवे का मीटरगेज ऐशबाग वाया सीतापुर-पीलीभीत तक ट्रैक ब्राडगेज में बदलने की कवायद चल रही है। यह ट्रैक एमजी से बीजी में बदलने के साथ ही कैंट स्टेशन भी पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में शामिल करने की योजना है।
इसके पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल होने से न सिर्फ यहां के ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी, बल्कि उनका वहां पर ठहराव भी हो सकेगा। मंगलवार को सीतापुर दौरे पर आए पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने कुछ ऐसे ही संकेत दिए हैं। इस प्रोजेक्ट पर शीघ्र ही मुहर लगने की उम्मीद है।
सीतापुर में मीटर और ब्राडगेज रेलवे लाइनें हैं। मीटर गेज रेलवे ट्रैक पूर्वोत्तर रेलवे का है। जबकि ब्राडगेज ट्रैक उत्तर रेलवे में आता है। यहां के लोगों को रेलवे की सहूलियतें देने को लखनऊ-सीतापुर-पीलीभीत तक रेल पथ बिछाया गया था। तब से इस मीटर गेज लाइन पर एक दर्जन सवारी और एक्सप्रेस गाड़ियां दौड़ रही हैं।
मीटर गेज लाइन की वजह से मुसाफिरों को ट्रेनों से राजधानी तक सफर करने में ढाई से तीन घंटे का समय लगते हैं। नागरिकों की मांग पर अब लखनऊ-सीतापुर-लखीमपुर खीरी-पीलीभीत तक मीटर गेज ट्रैक को ब्राडगेज में बदलने की योजना बनी है।
वर्ष 2010-11 के रेल बजट में इसे मंजूरी मिली थी, पर अब मीटर गेज ट्रैक ब्राडगेज में तब्दील हो रहा है। यह कार्य तीन चरणों में चल रहा है। ब्राडगेज की हकीकत परखने सीतापुर दौरे पर मंगलवार को आए पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम राजीव मिश्र ने ऐशबाग से सीतापुर ट्रैक का मुआयना किया।
उनके साथ लखनऊ मंडल के डीआरएम अनिल सिंह और रेलवे विकास निगम लिमिटेड के एजीएम वीके पांडेय भी मौजूद थे। मुआयने में महाप्रबंधक मिश्र ने बताया कि मीटर गेज लाइन को ब्राडगेज में तब्दील करने के साथ ही उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल के कैंट स्टेशन को भी पूर्वोत्तर रेलवे में सम्मिलित किए जाने की योजना है।
इसका प्रपोजल तैयार कर उसे रेल मंत्रालय को भेजा जा चुका है। इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही कैंट स्टेशन पूर्वोत्तर रेलवे का हिस्सा बन जाएगा।