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Sitapur News: पांचवें पड़ाव पर डेरा, आज सीतापुर पहुंचेगा रामादल

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पांचवे पड़ाव स्थल साखिन गोपालपुर की ओर जाता रामादल। - फोटो : पांचवे पड़ाव स्थल साखिन गोपालपुर की ओर जाता रामादल।
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सीतापुर/गोंदलामऊ। राम नाम के हीरे-मोती मैं बिखराऊं गली-गली... और बोल कड़ाकड़ सीताराम का जयघोष करते हुए रामादल रविवार सुबह अगले पड़ाव के लिए निकल पड़ा। ढोल-मंजीरे की धुन पर थिरकते हुए राम नाम का जाप करते परिक्रमार्थी आस्था की डगर पर नंगे पैर चलते नजर आए। हाथी-घोड़े व रथ पर सवार साधु-संतों का कारवां आकर्षण का केंद्र बना रहा। रामादल जिधर से निकलता श्रद्धालुओं की भीड़ जुट जाती। नैमिष से शुरू हुई पौराणिक 84 कोसी परिक्रमा रविवार को अपने पांचवें पड़ाव साखिन गोपालपुर पहुंच गई।
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परिक्रमार्थियों ने भगवान भोलेनाथ व भगवान गोपाल कृष्ण के दर्शन किए। रामादल हरदोई जनपद में चार पड़ावों की यात्रा पूरी कर सोमवार को सीतापुर की सीमा में प्रवेश करेगा। इस दौरान अधिकारी व स्थानीय ग्रामीण परिक्रमार्थियों का स्वागत करेंगे। सीतापुर में परिक्रमा अपने छठे पड़ाव देवगवां पहुंचकर डेरा डालेगी। आगे के सभी पड़ाव सीतापुर में ही पड़ेंगे। परिक्रमा का अंतिम व 11वां पड़ाव मिश्रिख है।
भक्ति और मोक्ष की कामना से इस परिक्रमा में भाग ले रहे लाखों श्रद्धालुओं का उत्साह रविवार को देखते ही बन रहा था। इस अनोखे धर्म पथ पर देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन दिखाई दिए। इसमें कोई संत फक्कड़ भाव से चिमटा बजाते हुए अपनी ही धुन में गुनगुनाता जा रहा था तो कोई संत रथ पर सवार होकर परंपरा का निर्वहन करता नजर आया। पांचवें पड़ाव साखिन गोपालपुर में रामादल ने डेरा डाला तो ग्रामीण सेवा-सत्कार में जुट गए। भजनों की स्वर लहरियों और संतों की वाणी से पड़ाव स्थल गुंजायमान हो गया। सोमवार सुबह दल छठे पड़ाव के लिए रवाना होगा।
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शंखेश्वर नाथ के किए दर्शन
पांचवें पड़ाव स्थल पर प्राचीन शंखेश्वर नाथ महादेव का मंदिर है। यह मंदिर साखिन गोपालपुर की उत्तर दिशा में गोमती नदी के तट पर स्थित है। इसके अलावा शृंगी ऋषि का आश्रम भी है। डेरा डालने के बाद परिक्रमार्थियों ने इन पौराणिक स्थलों के दर्शन किए।
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