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Sitapur News: रामपुर मथुरा धर्मातंरण मामले में कॉल रिकॉर्डिंग ने खोले राज, परिचित की संलिप्तता उजागर

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सीतापुर। रामपुर मथुरा धर्मांतरण केस में पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। पीड़िता ने एक प्रार्थना पत्र देकर दोबारा एक पैनल से मेडिकल कराने की मांग की है। वहीं, पुलिस के हाथ जो साक्ष्य लगे हैं, उसने मामले की जांच की दिशा ही उलट दी है। पुलिस को एक ऐसी कॉल रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें पीड़िता के दोस्त ने शाहरुख से बातचीत की थी। खास बात यह है कि इस कॉल के वक्त पीड़िता की सहेली का मामा शाहरुख लखनऊ में था। वहीं, पीड़िता और उसका दोस्त सूरत में था। इस बात के इलेक्ट्रानिक साक्ष्य भी पुलिस के पास मौजूद हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस कॉल रिकॉर्डिंग में पीड़िता का दोस्त शाहरुख को बता रहा है कि पीड़िता व उसकी सहेली सूरत में हैं। वह शाहरुख को लोकेशन भी बता रहा है। इसके बाद शाहरुख सूरत गया था।
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तो पीड़िता के दोस्त ने कराई थी कॉल
सूत्रों के अनुसार पीड़िता अपने घर से सहेली निस्बा के साथ बस से लखनऊ गई। वहां टेढ़ी पुलिया पर उसे अपना दोस्त मिला। पीड़िता के दोस्त के साथ उसके दो अन्य साथी भी थे। ये सभी सूरत में काम करते हैं। इसके बाद पांचों चारबाग से ट्रेन पकड़कर सूरत गए। वहां पीड़िता के दोस्त के साथियों ने समझाया कि इस तरह से सूरत में पीड़िता व उनकी सहेली को रखना गलत है। पुलिस केस हो सकता है। इसके बाद पीड़िता के दोस्त ने अपने एक साथी से शाहरुख को कॉल करवाई थी। हालांकि इस मामले में पुलिस राजनैतिक दबाव में शाहरुख को अपराध करने के आशय से नशीला पदार्थ देने के आरोप में जेल भेज चुकी है। सूत्रों के अनुसार पीड़िता के क्षेत्र के कुछ स्थानीय तत्व एक जनप्रतिनिधि को गुमराह कर प्रशासन पर दबाव बनवा रहे हैं। इसी वजह से शाहरुख को जेल भेजा गया और केस को गलत दिशा में मोड़ने का प्रयास किया गया है।

जांच के दायरे में है हर पहलू
पीड़िता के कलमबंद बयान हमारे लिए प्राथमिकता है। हम हर पहलू पर जांच कर रहे हैं। जो भी तथ्य सामने आए हैं, जो इलेक्ट्रानिक साक्ष्य हैं, सबका परीक्षण किया जा रहा है। - अंकुर अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक
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