रामपुर मथुरा (सीतापुर)। गांजरी इलाके में एक बार फिर से बाढ़ का खतरा लोगों को डराने लगा है। सोमवार को बैराजों से छोड़े गए 2.75 लाख क्यूसेक पानी ने तटवर्ती गांवों में खतरे की घंटी बजा दी है। बैराजों से डिस्चार्ज पानी देर रात तक शारदा और सरयू नदी में पहुंचने से जलस्तर बढ़ने का अनुमान है। इससे तराई क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की धड़कनें बढ़ गईं हैं। सरयू का जलस्तर सोमवार को 117.25 मीटर दर्ज किया गया। पानी खतरे के निशान 119 मीटर से 1.75 मीटर नीचे बह रहा है।
इस बार सरयू नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढाव बना हुआ है। हांलाकि, नदी इस बार उफनाई नहीं है। इससे गांजर के लोग सुकून में थे, लेकिन पानी घटते-बढ़ने से बाढ़ का खतरा बरकरार था। अब गिरिजापुरी बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से हालात फिर से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। सोमवार को बनबसा, शारदा और घाघरा बैराजों से 2.75 लाख क्यूसेक पानी तराई इलाके में शारदा और सरयू नदी में छोड़ा गया है। हालांकि, यह पानी अभी तक गांजर में नहीं पहुंचा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि बैराजों से छोड़ा गया पानी रात 12 बजे तक शारदा और सरयू नदी में आ जाएगा, इसके बाद नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
हालांकि, प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं होने की बात कह रहे हैं। बहरहाल जलस्तर में प्रतिदिन उतार-चढ़ाव से तटवर्ती गांव अखरी, अंगरौरा, शुकुलपुरवा, अर्जुनपुरवा, परमगोंडा, निरंजनपुरवा व बाबाकुटी सहित कई गांवों के लोग अभी भी संभावित बाढ़ को लेकर असमंजस में है। उधर, सिंचाई खंड बाराबंकी की ओर से निर्माणाधीन ठोकरों पर पत्थर लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
बनबसा बैराज- 52,936 क्यूसेक
शारदा बैराज- 1,31,337 क्यूसेक
घाघरा बैराज- 91,466 क्यूसेक
हालात पूरी तरह सामान्य
सरयू के जलस्तर में सोमवार को पांच सेमी की कमी आई है। बाढ़ क्षेत्रों में हालात पूरी तरह सामान्य है। बाढ़ में लगी सभी टीमें क्षेत्र की स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद