संवाद न्यूज एजेंसी सिधौली (सीतापुर)। कस्बे के बहादुरपुर मोहल्ले में पानी की टंकी के पास बने रैन बसेरे में आधा दर्जन बिस्तर लगे थे। हालांकि यहां सन्नाटा पसरा था। दूसरे तल पर बने होने के कारण वहां कोई मौजूद नहीं था।
यहां बाहर अलाव के लिए लगी लकड़ियां ठंडी पड़ी थीं। 8ः15 पर कमल तिराहे के पास अलाव नहीं था। यहां पालिका हर साल अलाव जलवाता है। रात 8ः30 बजे महमूदाबाद चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस केंद्र के पास अलाव जलवाया जाता रहा है, लेकिन वहां भी सन्नाटा था। लोग ठंड से बेहाल थे।
कस्बे में न जले अलाव न ही बना रैन बसेरा
कमलापुर। कस्बे की रेलवे स्टेशन रोड निवासी जयकृष्ण पांडेय बताते हैं इतनी ठंड है, अभी तक जिम्मेदारों द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। रेलवे स्टेशन, थाना, ब्लाक मुख्यालय, अस्पताल आदि स्थानों पर रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही रहती है, लेकिन अभी तक न अलाव जले हैं और न रैन बसेरा के ही इंतजाम नहीं किए गए हैं। सूर्यकांत रस्तोगी ने कहा कि सुबह-शाम बहुत काफी ठंड हो रही है, पछुआ हवा चलने से गलन बढ़ी है। कुछ दुकानदारों ने स्वयं व्यवस्था कर आग जलाते हैं, जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
रैन बसेरे में दिव्यांग की होती है मदद
ईओ रेणुका यादव ने बताया कि रैन बसेरे में किसी दिव्यांग के पहुंचने पर सहायता की जाती है। नगर पंचायत द्वारा इसे लंबे समय से यहीं संचालित किया जाता रहा है अगर अधिक समस्या आएगी तो इसे अन्यत्र स्थानांतरित करने के प्रयास किए जाएंगे।