सीतापुर। वायरल फीवर के चलते सोमवार को जिला अस्पताल में काफी भीड़ रही। ओपीडी फुल होने के साथ ही इमरजेंसी भी फुल हो गई। इमरजेंसी में भी बेड खाली नहीं थे। कई मरीज तड़पते हुए खड़े नजर आए। जब यहां से मरीज वार्ड को शिफ्ट किए गए तो उन्हें इमरजेंसी में कुछ देर के लिए उनका बेड मिल सका। चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार से संक्रमित छह बच्चों को भर्ती कराया गया।
वायरल फीवर का कहर जिले में तेजी से चल रहा है। सोमवार को जब ओपीडी खुली तो मरीजों की काफी भीड़ उमड़ आई। पर्चा काउंटर से लेकर दवा काउंटर पर भीड़ ही भीड़ दिखाई दी। इमरजेंसी के केस भी बढ़ते चले गए। हाल यह रहा इमरजेंसी में तीन बेड पड़े हुए है। बाहर से आने वाले मरीज इन बेड़ों पर लिटाया जाता है।
उसके बाद चिकित्सक उनको देखकर इलाज करते है।सोमवार को यह सभी बेड फुल हो गए। इमरजेंसी कक्ष के अंदर काफी भीड़ थी। कई मरीज बेड न मिलने की वजह से जमीन पर ही बैठ गए। भीड़ का आलम चिल्ड्रेन वार्ड में भी दिखा। वहां पर छह बच्चे भर्ती किए गए।
इनमें तालगांव निवासी आदी शुक्ला (5), रामकोट इलाके के परसेहरा निवासी नैमिष (11), रामकोट के मधवापुर निवासी शीतल (6), मछरेहटा के बनियामऊ निवासी कमला, तालगांव इलाके के बकतपुरवा निवासी प्रांशी व सोनसरी निवासी रुचि (12) को बुखार आने पर भर्ती किया गया है। चिल्ड्रेन वार्ड में इस समय 31 बच्चे भर्ती है।
कूड़ा निस्तारण में हो रही लापरवाही
जिला अस्पताल में कूड़ा निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। सोमवार को अस्पताल में उपयोग की गई सुई, सिरिंज, दवा व अन्य सामान को खुले में फेंक दिया गया। इस कूड़े को खुले में नहीं फेंका जा सकता है। इससे संक्रमण के फैलने की आशंका है।
प्लांट चलाने की दी गई ट्रेनिंग
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो गया है। सोमवार को आईटीआई से आए प्रशिक्षुओं को इसको चलाने की ट्रेनिंग दी गई। प्रशिक्षुओं ने प्लांट की बारीकियों को परखा। उनके बाद प्रशिक्षकों ने उनको चलाने के बारें में जानकारी दी। इस प्लांट से जिला अस्पताल में पाइप लाइन के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई की जाएगी।