सीतापुर। कॉमर्शियल सिलिंडर पर रोक के बाद ढाबों, रेस्टोरेंट व चाय नाश्ते की दुकानों के संचालक परेशान हो गए हैं। जिले में होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और शादी-समारोहों में कैटरिंग के कारोबार पर भी संकट के बादल छा गए हैं।
ऐसे में इन प्रतिष्ठानों में अब घरेलू सिलिंडरों के प्रयोग की आशंका बढ़ गई है। जिला पूर्ति अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलिंडर का प्रयोग वर्जित है। उपभोक्ताओं को ओटीपी के आधार पर सिलिंडर का वितरण किया जा रहा है।
जिले में नौ लाख 53 हजार 183 गैस उपभोक्ता हैं। इनमें करीब एक हजार उपभोक्ता कॉमर्शियल सिलिंडर का प्रयोग करते हैं। सोमवार को घरेलू व कॉमर्शियल सिलिंडरों की दिनभर मारामारी रही। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिक गैस एजेंसी संचालकों को फोन मिलाते रहे। उनकी डिमांड शत प्रतिशत पूरी नहीं हो सकी।
शहर के लड्डू गोपाल प्रतिष्ठान के संचालक मनीष लाठ ने बताया कि प्रतिदिन उनके यहां तीन से चार सिलिंडरों की खपत होती है। सोमवार को बमुश्किल एक से दो सिलिंडर ही मिल सके। राजस्थानी होटल के संचालक नवीन अग्रवाल ने बताया कि उनके यहां प्रतिदिन दो से तीन सिलिंडरों की खपत होती है। सोमवार को उन्हें एक भी सिलिंडर नहीं मिला।
होली से पूर्व के स्टाॅक से ही काम चल रहा है। यदि यही हाल रहा तो दो से चार दिन में काम बंद करना पड़ेगा। सत्यम ढाबा संचालक राजकुमार जायसवाल ने बताया कि दिनभर सिलिंडर के लिए परेशान रहे। पूरे दिन में सिर्फ एक ही सिलिंडर मिल सका। यदि यही हाल रहा तो काम बंद हो जाएगा। ऐसे में रोजी रोटी का संकट भी खड़ा हो जाएगा।