सकरन में बाढ़ में डूबा बांस का पुल। - संवाद
सकरन। क्षेत्र की किवानी नदी पर बना बांस का पुल बाढ़ के पानी में डूब जाने से 10 गांवों के हजारों छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों की राह बंद हो गई है। स्थायी पुल न होने से राजकीय इंटर कॉलेज सांडा, बालिका इंटर कॉलेज शाहपुर समेत अन्य विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को करीब दो माह तक स्कूल-कॉलेज जाने में परेशानी उठानी पड़ेगी। ग्रामीणों को भी ब्लॉक मुख्यालय और अस्पताल पहुंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत कम्भरिया कटेसर के पास किवानी नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों ने करीब 10 वर्ष पहले चंदा जुटाकर बांस का पुल बनाया था। इससे 15 किलोमीटर की दूरी घटकर करीब दो किलोमीटर रह गई थी। हालांकि, बरसात में नदी में बाढ़ आने पर पुल डूब जाता है और आवागमन ठप हो जाता है।
ग्रामीणों की समस्या को अमर उजाला ने दो फरवरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने पीपा पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग और राज्य सेतु निगम को पत्र लिखा।
विभागीय अधिकारियों ने सर्वे कर रिपोर्ट शासन को भेजी, लेकिन छह माह बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ। ग्रामीण धीरज जायसवाल, अनुपम, अनूप कुमार और राकेश राजपूत ने जल्द पुल बनवाने की मांग की है।