ऑटो चालकों की मनमानी से लोग परेशान हैं। प्रशासन की नरमी के बाद भी ऑटो चालक अड़ियल रुख पर उतारू हैं। लिहाजा, तीसरे दिन भी बुधवार को ऑटो चालकों की बेमियादी हड़ताल जारी रही।
इससे मुसाफिर तेज धूप में सवारी के लिए भटकते नजर आए। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किराया मांगने पर एक ऑटो चालक की पिटाई के अलावा किराया बढ़ाए जाने, लालबाग में स्टॉपेज, शहर में नो एंट्री का समय घटाने और कैंप लगाकर लाइसेंस बनाए जाने समेत कई मांगों को लेकर 22 मई से ऑटो चालक बेमियादी हड़ताल पर हैं।
इससे शहर की लोकल यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। गर्मी में मुसाफिरों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए तमाम तरह की कठिनाईयों से जूझना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बाहर से आने वाले मुसाफिरों और महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। प्रशासन की ओर से मांगे मानने के आश्वासन पर भी ऑटो चालक हड़ताल पर अड़े हैं। लिहाजा, बुधवार को तीसरे दिन भी ऑटो का संचालन ठप रहा।