ऑटो चालकों की बेमियादी हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। मंगलवार को ऑटो चालकों ने शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। बाद में अपनी चार सूत्री मांगों का ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट जेपी गुप्ता को सौंपा।
ऑटो चालकों ने मांगे न पूरी होने तक हड़ताल की चेतावनी दी है। उधर, ऑटो चालकों की हड़ताल से शहर की यातायात व्यवस्था ठप रही, जिससे मुसाफिरों को आवागमन में भारी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
इस भीषण गर्मी में बाहर से अपना काम निपटाने आए लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। शहर के ऑटो चालकों का कहना है, कि कभी ट्रैफिक पुलिस तो कभी मुसाफिरों द्वारा उनका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है।
चूंकि ज्यादातर ऑटो चालक शहर में रोजगार के अभाव की वजह से मजबूरी में यह काम करते हैं। इसलिए उत्पीड़न से इन्हें नुकसान के अलावा शर्मिंदगी भी उठानी पड़ती है। आजिज आकर ऑटो चालक 22 मई से बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं।
यह बेमियादी हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। ऑटो चालक सिटी स्टेशन के पास एकत्र हुए। फिर जुलूस की सूरत में प्रदर्शन करते हुए लालबाग चौराहा होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया।
जिसमें आरटीओ कार्यालय द्वारा कैंप लगवाकर लाइसेंस बनवाए जाने, शहर में ऑटो आने-जाने की नो-एंट्री का समय सुबह 11 बजे से सायं 6 बजे से घटाकर 11 से 4 बजे तक किए जाने, लालबाग में स्टापेज बनाए जाने और डीजल की महंगाई के मुकाबले किराया बढ़ाए जाने की मांग की गई है।
ऑटो चालकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगे मानी नही जाएंगी हड़ताल जारी रहेगी। ऑटो चालकों की हड़ताल से मंगलवार को भी मुसाफिरों को आवागमन में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। बाहर से शहर आने वालों को ज्यादा दुश्वारियां झेलनी पड़ी।
शहर के लालबाग, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, कोतवाली चौराहा इत्यादि प्रमुख स्थानों पर तेज धूप में मुसाफिर सवारी के लिए भटकते नजर आए। प्रदर्शन में धर्मेंद्र, फरीद, मोनू कश्यप, अतीउल्ला, विजय, अमन, समीउल्ला, सर्वेश, सुनील, गुफरान आदि ऑटो चालक शामिल थे।