सकरन (सीतापुर)। मनरेगा को जिम्मेदारों ने कमाई का जरिया बना लिया है। यहां फर्जी हाजिरी लगाए जाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। मुहर्रम में व्यस्त एक समुदाय के मजदूरों की कई ग्राम पंचायतों में फर्जी हाजिरी लगाने का मामला सामने आया है।
सकरन में शनिवार को मुहर्रम पर इनकी दुकानें बंद थीं। लोग ताजिया निकालने में व्यस्त थे। इसके बाद भी ग्राम पंचायत रूद्रपुर में चकबंद निर्माण पर इद्दू खान, कल्लू, रिमसत खान, मुस्ताक, जाबिर, हुमांयू, अल्ताब, अशफाक और ग्राम पंचायत धनावा में दिनेश के खेत से महेश के खेत तक चकबंद निर्माण के नाम पर इस्लाम, मो. असलम, शबनम, सलमा बानो, शहरू, खलीकुन आसिफा, साबरून, अफसाना तथा ग्राम पंचायत बेलवा बसहिया में चकबंद निर्माण में शबनम, सलमाबानों, इस्लाम, मो. असलम की फर्जी हाजिरी लगा दी गई।
इसी तरह ग्राम पंचायत बसहिया कोठार में जाबिर, इश्तियाक, एजाज, इलियास, जन्नतुन निशां, नासिर, सन्नो, साकिर, इसहाक, वारिस, नफीसुन, सिकंदर, नुसरतजहां, सुलेखा अलसम आदि को कागजों पर खेतों में मजदूरी करते दर्शाया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत मोहारी, बारहसिंहा, सरैंयाकलां में भी मनरेगा में मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) पर फोटो अपलोड कर दिए गए। एपीओ रवि सिंह ने बताया कि मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने के मामले में जांच की जाएगी। फर्जी हाजिरी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।