सीतापुर/झरेखापुर। पुलिस ने पंचायत चुनाव में सप्लाई के लिए तैयार किए जा रहे अवैध असलहों की बड़ी खेप पकड़ी। सरायन नदी पुल के पास छापा मारकर अवैध असलहा बनाने की फैैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को मौके से भारी मात्रा में निर्मित और अर्ध निर्मित असलहों समेत उपकरण बरामद हुए हैं। मौके से तीन आरोपी दबोचे गए। पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए एसपी आरपी सिंह ने अवैध असलहों पर कार्रवाई के लिए अभियान छेड़ रखा है। इस कड़ी में कोतवाली देहात पुलिस को सरायन नदी के पास असलहा फैक्टरी संचालित होने की जानकारी मिली। एएसपी उत्तरी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि इंस्पेक्टर कोतवाली देहात ओपी तिवारी ने सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम के साथ इलाके के गांव गद्दीपुर में सराय नदी के पुल के पास छापा मारा। वहां अवैध असलहा फैक्टरी संचालित होती पाई गई।
एएसपी ने बताया कि मौके से 15 निर्मित और 18 अर्ध निर्मित असलहे, 14 कारतूस और असलहा बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। मौके से लहरपुर इलाके के अकबरपुर निवासी शिवभगवान, पंकज वर्मा, लहरपुर के ही बहेरवा निवासी नरेश को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं।
इनके खिलाफ अवैध असलहे बनाने और सप्लाई करने के मामले में लहरपुर में केस दर्ज हैं। एएसपी का दावा है कि पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कुबूला कि पंचायत चुनाव में अवैध असलहों की मांग बढ़ने को लेकर वे असलहे तैयार कर रहे थे। इस दौरान सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
आसपास के कई जिलों में फैला नेटवर्क
एएसपी ने बताया कि आरोपी काफी शातिर हैं। पूछताछ में कुबूला है कि असलहों की सप्लाई सीतापुर के अलावा हरदोई, लखीमपुर और लखनऊ जिलों में भी करते थे। शातिरों का पड़ोसी जिलों में नेटवर्क फैला हुआ है। उसी के बूते ये असलहों की खेप पहुंचाते रहते थे।
पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम
असलहा फैक्टरी का भंडाफोड़ करने वाली कोतवाली देहात पुलिस टीम की एएसपी ने तारीफ की है। एएसपी ने कहा कि टीम को 10 हजार का इनाम दिया जाएगा। टीम में इंस्पेेेक्टर कोतवाली देहात ओपी तिवारी, एसआई देवेन्द्र सिंह, एसआई राजकरन सिंह, हेड कांस्टेबल यादवेन्द्र यादव, राहुल कुमार, अमर सिंह शामिल थे।