बिसवां/मछरेहटा (सीतापुर)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बृहस्पतिवार को सपा सरकार और अखिलेश यादव पर करारा हमला बोला। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में 200 दंगे होने का आरोप लगाते हुए सपा सरकार के लिए छोटा है, यह तो आतंकवादियों की सरकार है। गोरखपुर और मुजफ्फरनगर दंगों की याद दिलाते हुए कहा कि क्या ऐसी सरकार को आप लोग सत्ता में लाओगे? जनता से जवाब न में मिला। उन्होंने कहा कि अखिलेश बाबू, मैं पूछता हूं कि आपने संविधान की रक्षा के लिए शपथ ली थी? लेकिन आपने आतंकवादियों की रक्षा की है। बोले कि यह मेरा आरोप है। क्या ऐसे लोगों को सत्ता में लाओगे ?
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेेपी नड्डा बृहस्पतिवार को बिसवां के रामलीला मैदान और मिश्रिख विधानसभा क्षेत्र के मछरेहटा में आयोजित चुनावी जनसभाओं में बोल रहे थे। उन्होंने सबसे पहले बिसवां प्रत्याशी निर्मल वर्मा के समर्थन में बिसवां रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद वह मछरेहटा पहुंचे। दोनों चुनावी जनसभाओं में उनके निशाने पर सपा और कांग्रेस रही, लेकिन सबसे ज्यादा हमले अखिलेश पर किए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश सरकार में दो सौ दंगे हुए लेकिल, योगी सरकार में यूपी दंगा मुक्त रहा। एक भी दंगा नहीं हुआ। मुजफ्फरनगर में हुए दंगे की याद दिलाते हुए बोले कि 93 लोगों की जान चली गई। कोर्ट ने इस मामले में अखिलेश सरकार और प्रशासन को फेल बताया था। माताओं की गोद सूनी हो गई थी। जेल में बंद सपा नेता व रामपुर सांसद आजम खां पर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हमला बोला। कहा कि आजम खां के कहने पर दोषियों को बचाने के लिए छोड़ा गया।
अखिलेश यादव ने दंगे के मुख्य आरोपी मौलाना को विशेष विमान से अपने घर पर बुलाया था, क्या आप लोग ऐसी सरकार को चुनना चाहोगे ? इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कैराना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में 60 परिवार परेशान होकर घर, जिला और प्रदेश छोड़कर चले गये। अब योगी सरकार में वापस आकर रह रहे हैं। चुनाव में इसका भी सभी को ध्यान रखना होगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि मैं आरोप लगाता हूं, अखिलेश जवाब दो। 7 मई 2007 में गोरखपुर के कोलघर में बम ब्लास्ट हुआ था। लोग मारे गए। पुलिस ने कुछ नहीं किया। एनआईए (नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी) ने एक व्यक्ति को पकड़ा। इसके बाद इंडियन मुजाहिद्दीन संगठन के एक और सदस्य को पकड़ा गया। एक आजमगढ़ का तारिक कासिम और दूसरा जौनपुर का खालिद था। आजम खां के कहने पर अखिलेश मुकदमा वापस लेने के लिए कोर्ट गये लेकिन कोर्ट ने कहा कि केस वापस नहीं ले सकते। तारिक को बाद में उम्रकैद हो गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मैं अखिलेश से पूछता हूं ऐसे लोगों को संरक्षण क्यों दिया ? रामपुर में सीएआरपीएफ के कैंप पर हमले में सात जवान मारे गये। एनआईए ने भारत-नेपाल बॉर्डर से बिहार के सहाबुद्दीन को गिरफ्तार किया। इस मामले में भी मुकदमा वापस ले लिया गया।
गलत बोल रहा हूं तो केस करना
नड्डा ने मीडिया से कहा कि आप लोग अखिलेश से ये पूछना। गलत कह रहा हूं तो केस कर देना। कोर्ट ने मुजफ्फरनगर मामले में भी अखिलेश सरकार से कहा था कि भारत के कानून में ऐसा नहीं है। बाद में चार दंगाइयों को सजा-ए-मौत और तीन को उम्रकैद की सजा हुई थी।
रोटी पकी नहीं, खाने और धमकी देने वाले तैयार हैं...
जेपी नड्डा ने कहा कि मेरी बात अखबार में छपनी चाहिए। वो काला अध्याय था। अब खनन करने वाले या तो जेल में या फिर बेल पर बाहर हैं और अखिलेश के साथ घूम रहे हैं। इनकी भाषा सुनी है, देखिए कैसे बोलते हैं। कहते हैं कि 10 मार्च का इंतजार करिए। अभी रोटी पकी नहीं, खाने और धमकी देने वाले पहले से तैयार हो गये। जनता इसका जवाब देगी।