पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी। खैराबाद के महमूदपुर गांव निवासी संतराम की पत्नी ज्ञानवती, बेटा सोनू व पुत्री रामदेवी रविवार दोपहर करीब दो बजे गांव में ही दूसरे के घर से मशीन से चारा काटने गए थे।
इस दौरान संतराम का बेटा कमल किशोर (8) भी मां के साथ गया था, लेकिन रास्ते से वह खाना खाने की बात कहकर अपनी झोपड़ी में वापस चला गया। करीब एक घंटे बाद जब तीनों चारा काटकर घर पहुंचे तो मासूम का शव झोपड़ी में गमछे के बने फंदे से लटक रहा था।
उसकी मां ज्ञानवती के मुताबिक बेटे के दोनों पैर जमीन को छू रहे थे। इतना छोटा बच्चा फांसी नहीं लगा सकता। आरोप है कि उसके बेटे की गांव के ही अनंतू व उसके बेटे महेंद्र ने हत्या कर दी। इसके बाद शव को फंदे से लटका दिया।
पिता की मानें तो घटना के बाद गांव में ही रह रहे उसके भांजे सूरज ने अनंतू व उसके बेटे महेंद्र को झोपड़ी से निकलते हुए देखा था, लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था, कि इन लोगों ने यह घटना अंजाम दी है।
पिता संतराम की मानें तो एक जमीन को लेकर करीब 10 साल से उसकी अनंतू से रंजिश चल रही है। वह आए दिन उसके परिवार को परेशान करता था। रविवार को भी अनंतू ने विवादित जमीन पर मिट्टी गिरवाई थी। उधर, खबर पाते ही एसओ मनोज यादव मौके पर पहुंचे।
जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ का कहना है कि तहरीर के आधार पर अनंतू व उसके बेटे महेंद्र के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।