लेकिन युवक ने समझदारी के साथ बाइक मोड़ी और पगडंडी के रास्ते अपनी मंजिल की ओर रवाना हो गया। लेकिन जिले का वन विभाग अब भी इलाके में बाघ की मौजूदगी मानने को तैयार नहीं है।
क्षेत्र के ग्राम जिहुरा नईबस्ती निवासी प्रशांत उर्फ अंजुम अपने पिता बालेंद्र मिश्रा के साथ बाइक से कस्बा बाजार आया था। यहां पर खरीदारी करने के बाद पिता व पुत्र घर वापस लौट रहे थे तभी गोला बाबा देवस्थान के निकट ही मिश्रिख-मछरेेहटा मार्ग पर एक बाघ सड़क पर कब्जा किए खड़ा था।
बाघ पर बाइक की हेडलाइट पड़ते ही बाइक चला रहे प्रशांत मिश्रा के होश उड़ गए। उसने बिना देरी किए अचानक बाइक मोड़ दी और रास्ता बदलकर बहुती गांव से गुजरते हुए अपने गांव पहुंचा। घर पहुंचने के बावजूद पिता-पुत्र के चेहरे पर बाघ से सामना होने का खौफ साफ झलक रहा था। दोनों ने गांव पहुंच आपबीती बताई।
इसके बाद ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर गोला बाबा देवस्थान की तरफ बढ़े। ग्रामीणों का शोर सुनकर बाघ धनधारी जंगल में घुस गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को दे दी, बावजूद इसके कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
वन विभाग के अधिकारी अब भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि उस क्षेत्र में बाघ मौजूद है। उधर, बाघ की मौजूदगी से जिहुरा, नई बस्ती, लश्करपुर, बहुती आदि दर्जन भर से अधिक गांवों में दहशत का माहौल है।