सेवता/रेउसा। खुरवलिया चौराहा स्थित एक टेंट हाउस के गोदाम में सोमवार देर रात करीब 12 बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग ने दस मिनट में ही विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के घरों में धुआं भर गया। देखते ही देखते पूरे टेंट हाउस काे आग ने अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने गोदाम से लपटें उठतीं देखकर प्रतिष्ठान के मालिक को सूचना दी। प्रतिष्ठान मालिक का आरोप है कि उन्होंने दमकल को सूचना दी, इसके करीब तीन घंटे बाद टीम मौके पर पहुंची। आग की चपेट में आने से प्रतिष्ठान मालिक की एसयूवी और करीब पचास लाख का माल जल गया।
खुरवलिया निवासी विमलेश सिंह की चौराहे पर ही टेंट का गोदाम है। विमलेश ने बताया कि सोमवार देर रात करीब 12 बजे गोदाम में अचानक आग लग गई। आग की सूचना दमकल विभाग को दी गई। वहीं आग की लपटें देख ग्रामीण एकत्र हो गए और आग बुझाने में जुट गए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद लोगों ने स्थानीय संसाधानों से आग पर काबू पा लिया। दमकल टीम पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया गया। विमलेश सिंह ने बताया कि आग से लगभग 50 लाख का नुकसान हुआ है। थानाध्यक्ष हनुमंत लाल तिवारी ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, जांच की जा रही है।
लपटें देख ग्रामीणों ने किया फोन, घरों में भर गया काला धुआं
टेंट के गोदाम में रखे गद्दे, चादर, प्लास्टिक की कुर्सियां व चार पहिया वाहन आग की चपेट में आकर जलने लगे। गोदाम से निकला काला धुआं आसपास के घरों में घुसने लगा। लोगों ने गोदाम में लपटें उठतीं देखकर प्रतिष्ठान मालिक को फोन किया। इस दौरान घरों में धुआं भरने से लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत हुई।
वर्ष 2009 से संचालित है प्रतिष्ठान
विमलेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2009 से इसी गोदाम से टेंट का काम शुरू किया था। करीब दो हजार वर्ग फीट के गोदाम में टेंट में लगने वाले पर्दें, कुर्सियां, गद्दे, चादर के साथ चार पहिया वाहन भी था। कारोबार बढ़ा तो यहीं गोदाम बना लिया। चौराहे पर होने के कारण टेंट के सामान को लाने व ले जाने में सुविधा रहती है। बताया कि उनका घर गोदाम से पांच सौ मीटर की दूरी पर है।
40 किलोमीटर दूर से आई दमकल, निष्क्रिय पड़ा है अग्निशमन केंद्र
ग्रामीणों ने बताया कि खुरवलिया से महज दो किलोमीटर दूर खरौंहा में वर्ष 2023 में एक अग्निशमन केंद्र बनाया गया था। यह अभी क्रियाशील नहीं है। यहां सिर्फ भवन बना है। अगर यह क्रियाशील होता तो गोदाम में आग लगने की सूचना के कुछ ही मिनट बाद दमकल मौके पर पहुंच जाती। प्रतिष्ठान संचालक विमलेश सिंह के अनुसार दमकल को मदद के लिए फोन किया तो एक दमकल वाहन करीब 40 किलोमीटर दूर महमूदाबाद से आया। वहीं, दूसरा दमकल वाहन करीब तीस किलोमीटर दूर बिसवां से आया।