संदना (सीतापुर)। संदना इलाके में टाइगर दिखने से लोग दहशत में हैं। वन विभाग की टीम ने पगचिह्नों के आधार पर इसकी पुष्टि की है। टीम के साथ कॉम्बिंग कर रहे डीएफओ ने टाइगर को देखे जाने की बात कही है। टीम के साथ उस पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। अभी तक उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है।
संदना के अनोगी गांव निवासी राजकुमार ने बुधवार को वन विभाग को जानकारी दी थी कि खेतों में तेंदुए के पगचिह्न मिले हैं। डीएफओ एपी त्रिपाठी भी वहां पहुंचे। इस दौरान टीम ने जांच की तो पता चला कि क्षेत्र के जहानपुर से धरौली, रामपुर, मढ़िया, भरौना आदि के खेतों में भी पगचिह्न दिखे हैं। डीएफओ ने बताया कि जांच में यह पगचिह्न टाइगर के मिले हैं।
बताया कि पगचिह्न भरौना के पास सिधौली-मिश्रिख मार्ग को पार करते नजर आए हैं। निशान सड़क पार करने के बाद सड़क से करीब पांच सौ मीटर तक खेतों में देखे गए, लेकिन उसके बाद पगचिह्न नहीं दिखे, जिससे अंदाजा लगाया गया कि जानवर गन्ने के खेतों में छिपा हुआ है। उनका कहना है कि कॉम्बिंग टीम के सदस्यों ने टाइगर को झाड़ियों में बैठे देखा है। जिस स्थान पर उसे देखा गया, उसके पास करीब ढाई सौ बीघे में गन्ने की फसल लगी है। उनका कहना है कि टाइगर ने फिलहाल अभी तक कोई नुकसान नहीं किया है। बताया कि टाइगर को पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
टाइगर को पकड़ने के लिए भारी तादाद में वन कर्मियों को लगा दिया गया है। गुरुवार को डीएफओ एपी त्रिपाठी के अलावा एसडीओ, वन राकेश चौधरी, सीतापुर रेंजर इम्तियाज सिद्दीकी, सिधौली रेंजर एके सिंह, महोली रेंजर आरएन चौधरी समेत करीब 35 वनकर्मी संदना में कॉम्बिंग कर रहे हैं। ग्रामीणों को भी सतर्क किया जा रहा है। वहीं टाइगर दिखने की खबर पाकर आसपास के ग्रामीण खौफजदा हैं। लोग रात में खेतों की तरफ अकेले निकलने से डर रहे हैं।