सीतापुर। भीषण गर्मी के बीच रविवार को बादल छाए। पर तेज गर्म हवा के कारण लोगों को कोई राहत नहीं मिली। अधिकतम पारा 41 डिग्री पर स्थिर रहा। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले दो दिनों तक यू हीं आसमान में बादलों की आवाजाही रहेगी। अभी बरसात होने की संभावना नहीं है।
रविवार सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान करने लगी थी। दिन चढ़ने के साथ धूप की तल्खी भी बढ़ती रही। चिलचिलाती धूप में दोपहर के समय लोग बाहर निकलने की हिम्मत नही जुटा सके। जरूरी काम से जिन्हें निकलना पड़ा वह लोग चेहरे को कपड़े से लपेटकर तपिश से बचाव करते देखे गए।
इसी बीच एकाएक मौसम ने करवट बदली और आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया। दिनभर सूर्य की बादलों के साथ लुकाछिपी के बाद भी अधिकतम तापमान में कोई गिरावट नही आई। न्यूनतम तापमान भी 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे लोगों को रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।
इसका असर आम जनजीवन पर साफ नजर आया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वायुदाब 40 से भी नीचे रहने के कारण बरसात की कोई संभावना नहीं है।
गर्मी बढ़ने की वजह से वाष्पीकरण में तेजी आई है, इससे आसमान में बार-बार बादल भी बन रहे हैं। अगले दो दिनों तक आसमान में बादलों की आवाजाही इसी तरह बने रहने की संभावना है। लेकिन बरसात होने के अभी कोई आसार नहीं है।
हीट स्ट्रोक के कारण बढ़े मरीज
अधिकतम पारा 40 डिग्री से ऊपर पहुंचने के कारण लोगों पर हीट स्ट्रोक की मार पड़ने लगी है। इसका असर जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या से साफ नजर आने लगा है।
औसतन हर रोज ओपीडी में दो हजार मरीज पहुंचते थे। 15 अप्रैल के बाद से मरीजों की संख्या बढ़कर 2500 तक पहुंच गई है। चिकित्सकों के मुताबिक बढ़े मरीजों में उल्टी दस्त की शिकायत वाले अधिक हैं।
चिलचिलाती धूप में बरतें सावधानी
जिला अस्पताल के डॉ. जेएन सिंह बताते हैं कि अधिकतम पारा 40 डिग्री से ऊपर पहुंचते ही सेहत के लिए खतरा बन जाता है। व्यक्ति हीट स्ट्रोक व लू का शिकार हो सकता है।
ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। दिन में 11 से 4 बजे तक तेज धूप अधिक नुकसानदेय साबित हो सकती है। इस दरम्यान बाहर निकलने से बचें।
जरूरी होने पर चेहरे व सिर को कपड़े से ढककर बाहर निकलें। खूब पानी पीते रहें। फिर भी दिक्कत महसूस हो तो चिकित्सक की सलाह लें।