मिश्रिख व पिसावां थाना क्षेत्रों में शुक्रवार रात हुईं घटनाएं, जख्मी लोग अस्पताल में भर्ती
मिश्रिख/औरंगाबाद/कुतुब नगर (सीतापुर)। जिले में अब बारिश कहर बरपा रही है। कभी धीमी तो कभी तेज बारिश से दो स्थानों पर दीवारें व कोठरी भरभराकर ढह गईं। शुक्रवार रात मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र में दीवारें व छप्पर गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई। जबकि मां-बेटा समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गई। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दूसरी तरफ पिसावां थाना क्षेत्र में छप्पर व दीवार गिरने से एक युवती की मौत हो गई। महोली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम टिकरा खुर्द निवासी कमला देवी (60) अपनी बेटी की ससुराल मिश्रिख के ग्राम ककरहिया निवासी रामकुमार के घर गई थी। वहीं रामकुमार की बहन खैराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पंडित पुरवा निवासी श्यामपती (55) भी उसके घर आई थी।
शुक्रवार रात कमला देवी, श्यामपती व रामकुमार की पुत्री प्रीती देवी (18) छप्पर के नीचे सो रही थी। आधी रात के वक्त अचानक बारिश की वजह छप्पर दीवार समेत ढह गया। इससे छप्पर के नीचे सो रहीं तीनों महिलाएं मलबे में दब गईं। दीवार गिरने व चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों की नींद खुल गई।
उन्होंने कड़ी मशक्कत से मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक तीनों घायल हो चुकी थीं। परिवारीजन घायलों को लेकर मिश्रिख सीएचसी पहुंचे। यहां पर डॉक्टरों ने कमला को मृत घोषित कर दिया। जबकि श्यामपती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय श्यामपती ने भी दम तोड़ दिया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। मिश्रिख के ही ग्राम परसपुर निवासी दर्शन की पत्नी रामप्यारी (62) व उसका पुत्र पप्पू (38) भी रात को छप्पर के नीचे सो रहे थे। आधी रात में अचानक पड़ोसी राजेश की दीवार दर्शन के छप्पर पर गिर गई।
इससे दर्शन का छप्पर दीवार समेत ढह गया और उसके नीचे सो रहे मां-बेटा दब गए। ग्रामीणों ने आननफानन मलबा हटाकर दबे हुए मां व बेटे को बाहर निकाला। लेकिन तब तक दोनों बुरी तरह से जख्मी हो चुके थे। परिवारीजनों ने दोनों को हरदोई जिले के बालामऊ स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है।
उधर, पिसावां थाना क्षेत्र के ग्राम कमलापुर निवासी चंद्रभाल की पत्नी राजकुमारी (18) कोठरी के पीछे नाली साफ कर रही थी। इसी बीच अचानक कोठरी ढह गई। इससे राजकुमारी दब गई। हादसा देखकर ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से मलबा हटाकर युवती को बाहर निकाला।
लेकिन तब तक राजकुमारी की मौत हो चुकी थी। सूचना पाते ही तहसीलदार अशोक कुमार व थानाध्यक्ष दिनेश सिंह मौके पर पहुंचे। इस दौरान तहसीलदार ने पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा दिया।
रक्षा सूत्र बांधने से पहले ही उठ गई बहन की अर्थी
खैराबाद के पंडित पुरवा निवासी श्यामपती हर साल अपने भाई मिश्रिख के ग्राम ककरिहया निवासी रामकुमार की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने आती थी। यह परंपरा उसने मरते दम तक नहीं तोड़ी। रक्षाबंधन पर्व रविवार को है। इस वजह से श्यामपति दो दिन पहले ही भाई रामकुमार के घर पहुंच गई थी। बहन के घर आने से भाई रामकुमार बेहद खुश था।
शुक्रवार शाम जब भाई ने अपनी बहन को छप्पर के नीचे सोने के लिए कहा, तब उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस बहन से वह इतने प्यार से बातें कर रहा है। वही बहन उसके कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने से पहले ही हमेशा-हमेशा के लिए दूर चली जाएगी। शनिवार को भाई रामकुमार पोस्टमार्टम हाउस पर कुदरत के कहर पर आंसू बहा रहा था और उसके रिश्तेदार उसे ढांढस बंधा रहे थे।
दी जाएगी मदद
दीवार गिरने की सूचना पर मैं ककरहिया गांव गया था। पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की है। मृतकों के परिवारीजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
-राजीव पांडेय, एसडीएम मिश्रिख