महमूदाबाद (सीतापुर)। नगर में ऐतिहासिक आठवीं का जुलूस बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। कर्बला में शाम को गमगीन माहौल के बीच ताबूत व ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
राजा किला से आठवीं का जुलूस दोपहर एक बजे निकला। जिसका नेतृत्व महमूदाबाद राजा के बेटे प्रोफेसर डॉ. अली खान ने किया। शाही साज-सज्जा के साथ निकले जुलूस में ऊंट, अलम, दुलदुल, ताबूत व ताजिये आदि शामिल थे। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ आगे बढ़ा। जुलूस में लोगों ने मर्सिया ख्वानी व जंजीरी मातम किया।
जुलूस पुरानी बाजार स्थित जामा मस्जिद पहुंचा। जामा मस्जिद में झूले के साथ अंदर जाने के लिए किले के प्रबंधन द्वारा चिह्नित कराए गए शिया समुदाय के 12 लोगों को प्रशासन ने निर्धारित समय 3.15 बजे प्रवेश करवाया। जुलूस गहवारा 15 मिनट बाद सजाकर मस्जिद से बाहर वह लोग निकले और जुलूस में गहवारे के साथ अन्य लोग भी शामिल हो गए।
जामा मस्जिद से गहवारा निकलने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और जुलूस कर्बला की ओर बढ़ गया। जुलूस में अंजुमन अब्बासिया, अंजुमन हैदरी, अंजुमन सज्जादिया मातम करती चल रही थीं। नोहख्वानी और सीनाजनी के साथ ताबूत और ताजियों को लोगों ने नम आंखों से कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया। पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिजवी, इलाका हुसैन, अब्बास जैदी, बब्बू मियां, एजाज रिजवी आदि मौजूद रहे।