सीतापुर। रामकोट के धनईखेड़ा में हमले का शिकार जिला खनन अधिकारी की कार्रवाई से अवैध खनन करने वाले परेशान थे। सूत्रों की मानें तो शालिनी कुमारी के देर रात के छापों से परेशान अवैध खनन में लिप्त आपराधिक प्रवृत्ति के लोग उनके मूवमेंट पर नजर रखते थे।
शालिनी कुमारी करीब दो वर्षाें से सीतापुर में तैनात हैं। इन्होंने अवैध खनन के विभिन्न मामलों में पिछले वर्ष ही 84.65 लाख रुपये जुर्माना लगाया था। इसके साथ 323 वाहनों को सीज भी किया था। दरअसल बिसवां, सकरन, महोली, पिसावां, तालगांव आदि थाना क्षेत्रों में पुलिस की शह पर भारी मात्रा में मिट्टी का खनन होता है। इसके अलावा तंबौर, थानगांव, सकरन, रामपुर मथुरा क्षेत्र में बालू आदि खनन भी जोरों से होता है।
रेउसा के विवादित एसओ से हुई थी बहस
जिला खनन अधिकारी शालिनी कुमारी ने बीते साल 18 दिसंबर की रात करीब दो बजे रेउसा थाना क्षेत्र के भैंसहा-टपरा से दो ट्रैक्टर ट्राॅली को सीज कर दिया था। यह ट्रैक्टर-ट्राॅली अवैध खनन में लिप्त मिली थीं। तत्कालीन थानाध्यक्ष रेउसा घनश्याम राम ने थाने में जगह न होने का हवाला देकर ट्राॅलियां खड़ी करने से मना कर दिया था। इस पर उनकी खनन अधिकारी से बहस भी हुई थी। बता दें कि विवादों में रहने वाले इन थानाध्यक्ष के खिलाफ भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद इन्हें लाइनहाजिर कर दिया गया था। जिला खनन अधिकारी शालिनी कुमारी ने बताया कि पिछले साल कार्रवाई कर 84.65 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया था। इस वर्ष भी वित्तीय माह अप्रैल से अक्तूबर तक 117 वाहनों को सीज कर 49.77 लाख रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है।